मुजफ्फरनगर। जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब राज्य वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग की टीम ने दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे स्थित होटल वेल विस्टा पर अचानक छापेमारी कर दी। नई मंडी थाना क्षेत्र में स्थित इस बड़े और चर्चित होटल पर हुई इस कार्रवाई से न सिर्फ होटल प्रबंधन बल्कि आसपास के व्यापारियों में भी भय और बेचैनी का माहौल बन गया।
सूत्रों के मुताबिक, विभाग को काफी समय से होटल की बिलिंग और वास्तविक टर्नओवर में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। इसी आधार पर टीम ने पूरी गोपनीयता के साथ योजना बनाकर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान होटल के मुख्य गेट पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई, ताकि कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति अंदर-बाहर न हो सके।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने होटल के अकाउंट्स विभाग को खंगालना शुरू किया। बुकिंग रजिस्टर, बिलिंग रिकॉर्ड और कच्चे-पक्के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। साथ ही होटल के कंप्यूटर सिस्टम, हार्ड ड्राइव और डिजिटल डेटा को अपने कब्जे में लेकर उनकी भी जांच शुरू कर दी गई है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, विभाग को शक है कि होटल में होने वाले कार्यक्रमों, कमरों की बुकिंग और कैटरिंग से होने वाली आय का पूरा विवरण टैक्स रिटर्न में नहीं दिखाया जा रहा था। यह भी इनपुट मिला था कि कुछ बड़े लेन-देन बिना जीएसटी इनवॉइस के किए गए हैं, जो टैक्स नियमों का गंभीर उल्लंघन हो सकता है।
फिलहाल विभागीय टीम सभी दस्तावेजों का मिलान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि टैक्स चोरी हुई है या नहीं, और अगर हुई है तो उसकी वास्तविक रकम कितनी है।
इस कार्रवाई की खबर फैलते ही हाईवे और शहर के अन्य होटल व व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी खलबली मच गई। चर्चा है कि जीएसटी विभाग की नजर शहर के कई अन्य बड़े कारोबारियों पर भी है, जहां जल्द इसी तरह की कार्रवाई हो सकती है।
समाचार लिखे जाने तक जीएसटी टीम होटल परिसर में मौजूद थी और जांच जारी थी। वहीं होटल प्रबंधन की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

