Thursday, October 1, 2026

ट्रस्ट में बड़ा घोटाला!
फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों का खेल ?




खबर उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर से है।

मुजफ्फरनगर में शिक्षा जगत से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने अभिभावकों, छात्रों और प्रशासन तक को झकझोर दिया है। एक निजी रेस्टोरेंट में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान “हसन हुसैन एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट” के सचिव मुदस्सिर हुसैन ने ट्रस्ट और उससे जुड़े स्कूलों में कथित तौर पर बड़े स्तर पर वित्तीय हेराफेरी, फर्जीवाड़े और नियमों की खुली अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए।

पत्रकारों के सामने रखे गए आरोपों के अनुसार, ट्रस्ट के अंतर्गत संचालित “बचपन प्ले स्कूल” और “ऑक्सफोर्ड स्कूल” में लंबे समय से अनियमितताएं चल रही हैं। मुदस्सिर हुसैन ने दावा किया कि ट्रस्ट की मूल संरचना को जानबूझकर बदलने की साजिश रची गई, ताकि इसे पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट से हटाकर पारिवारिक नियंत्रण में लाया जा सके और ट्रस्ट की करोड़ों की संपत्ति पर निजी कब्जा स्थापित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में स्थापित मूल ट्रस्ट के बाद वर्ष 2025 में 17 जुलाई और 28 अक्टूबर को दो नए ट्रस्ट बनाए गए। आरोप है कि इन नए ट्रस्टों के गठन में नियमों को दरकिनार किया गया और सदस्यों व पदाधिकारियों की संरचना में मनमाने बदलाव किए गए। इतना ही नहीं, इस प्रक्रिया में दस्तावेजों और पैन कार्ड के कथित दुरुपयोग की बात भी सामने आई है, जो पूरे मामले को और गंभीर बनाती है।

वित्तीय अनियमितताओं को लेकर लगाए गए आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं। पत्रकार वार्ता में दावा किया गया कि नवंबर 2025 में केनरा बैंक की लद्दावाला शाखा में तीन बैंक खाते खोले गए, जिनमें कथित तौर पर फर्जी या बदले गए दस्तावेजों के आधार पर लेन-देन किया गया। इसके अलावा, स्कूलों की फीस—जो ट्रस्ट के आधिकारिक खातों में जानी चाहिए थी—उसे निजी खातों में ट्रांसफर किए जाने का आरोप भी लगाया गया।

मुदस्सिर हुसैन के अनुसार, नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 15 लाख रुपये की रकम ट्रस्ट के पुराने खाते से निकालकर निजी खातों में ट्रांसफर की गई। साथ ही, आयकर रिटर्न (वित्तीय वर्ष 2023-24) में भी तथ्यों को छुपाने और ट्रस्ट की वास्तविक स्थिति को गलत तरीके से पेश करने की बात कही गई है।

प्रशासनिक अनियमितताओं पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने नियमों को ताक पर रखकर एक अयोग्य व्यक्ति को प्रधानाचार्य नियुक्त किया और पूरे सिस्टम में पारदर्शिता का अभाव है। इसके अलावा, ट्रस्ट से जुड़े करीब 400 गज के प्लॉट के किराये में भी गड़बड़ी और मनमानी के आरोप लगाए गए हैं।

मुदस्सिर हुसैन ने कहा कि यह मामला सिर्फ आर्थिक घोटाले तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शिक्षा व्यवस्था की साख, पारदर्शिता और अभिभावकों के भरोसे पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ट्रस्ट और स्कूलों के सभी वित्तीय लेन-देन का स्वतंत्र ऑडिट हो और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

फिलहाल, इन गंभीर आरोपों पर ट्रस्ट प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले के सार्वजनिक होने के बाद स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा हुआ है और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। अब सबकी निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई सामने आती है और दोषियों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट।

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