Tuesday, October 6, 2026

ई-रजिस्ट्री पर बवाल, तहसीलों में छिड़ा बड़ा आंदोलन।




मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार की प्रस्तावित ई-पंजीकरण (पासपोर्ट मॉडल) व्यवस्था के खिलाफ विरोध अब तेज होता जा रहा है। तहसीलों में संपत्ति पंजीकरण की नई व्यवस्था लागू करने के फैसले के विरोध में अधिवक्ताओं, स्टाम्प विक्रेताओं, दस्तावेज लेखकों, टाइपिस्टों और इस कार्य से जुड़े अन्य लोगों का आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। संघर्ष समिति के आह्वान पर बुधवार को तहसील परिसर में बड़ी संख्या में लोगों ने धरना देकर सरकार के फैसले का विरोध किया और चेतावनी दी कि यदि यह व्यवस्था वापस नहीं ली गई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

धरने की अध्यक्षता अधिवक्ता संजय शिवम ने की, जबकि संचालन अधिवक्ता हेमंत कुमार अरोड़ा ने किया। इस दौरान संघर्ष समिति के सदस्य योगेंद्र काश्यप एडवोकेट ने कहा कि सरकार संपत्ति पंजीकरण को पासपोर्ट की तर्ज पर पूरी तरह ई-पंजीकरण प्रणाली से जोड़ना चाहती है, लेकिन इससे आम लोगों और इस कार्य से जुड़े हजारों लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया जाएगा और आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष अशोक त्यागी ने कहा कि पेपरलेस पंजीकरण व्यवस्था लागू होने से प्रदेश में हजारों स्टाम्प विक्रेता, टाइपिस्ट और दस्तावेज लेखक बेरोजगार हो जाएंगे। उनका आरोप था कि नई व्यवस्था से भ्रष्टाचार कम होने के बजाय बढ़ने की आशंका है और आम नागरिकों को भी अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

तहसील सदर बार संघ के अध्यक्ष हाजी कमरुज्जमा एडवोकेट ने कहा कि पहले संपत्ति के बैनामे का कार्य लगभग दो घंटे में पूरा हो जाता था, लेकिन ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था लागू होने के बाद कई मामलों में दो-दो दिन तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से नई व्यवस्था लागू करने से पहले उससे जुड़े सभी पक्षों से व्यापक चर्चा करने की मांग की।

धरने में प्रबोध चौधरी, विनोद शर्मा, सैयद हसन अकबर जैदी, सतीश शर्मा, विजय कुमार, पंकज जिंदल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं, स्टाम्प विक्रेताओं, दस्तावेज लेखकों और टाइपिस्टों ने भाग लिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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