मुजफ्फरनगर, 15 अप्रैल 2026 — जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने आज मोरना और भोपा क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं की गहन जांच की गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरना और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोपा में निरीक्षण के दौरान ओपीडी व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता, प्रसूति सेवाएं, साफ-सफाई, लैब सुविधाएं और रिकॉर्ड संधारण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को विस्तार से जांचा गया। इस दौरान प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय कुमार को सख्त निर्देश दिए गए कि सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखते हुए मरीजों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
निरीक्षण के बाद CMO सीधे जमीनी हकीकत जानने गांव सिकंदरपुर पहुंचे, जहां संचारी रोग नियंत्रण अभियान की प्रगति का जायजा लिया गया। उन्होंने घर-घर जाकर आशा और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के सर्वे कार्य को देखा और ग्रामीणों से संवाद कर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे खतरनाक रोगों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने साफ-सफाई, जलभराव रोकने और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने के सख्त निर्देश दिए, ताकि संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
इसके बाद कमहेड़ा गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया गया, जहां NQAS (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स) के तहत सर्टिफिकेशन की तैयारियों का आकलन किया गया। निरीक्षण में दवाओं की उपलब्धता, उपकरणों की कार्यशीलता, संक्रमण नियंत्रण और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं को गंभीरता से परखा गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि मरीजों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
CMO डॉ. तेवतिया ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि हर नागरिक तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचे और गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए।
यह औचक निरीक्षण न सिर्फ स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि अब जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किसी भी प्रकार की कमी को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय मानी जाएगी।

