मुजफ्फरनगर, 31 मई 2026। जनपद में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों की व्यवस्थाओं को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने गंभीरता दिखाते हुए कई स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरना, ककरौली, तेवड़ा, जटमुझेड़ा तथा तिस्सा का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, दवाइयों के स्टॉक, साफ-सफाई की स्थिति, टीकाकरण कार्यक्रम, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ जांच व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक मरीज को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की कमी या लापरवाही सामने आने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
डॉ. तेवतिया ने स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचे मरीजों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और यह भी जाना कि उन्हें सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का कितना लाभ मिल रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील, सहयोगात्मक और जिम्मेदार व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि आम लोगों का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर विश्वास मजबूत हो सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की महत्वपूर्ण पहल हैं। इन मेलों के माध्यम से लोगों को जांच, उपचार, टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का दायित्व है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करें।
सीएमओ ने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है और इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित करने और मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए।

