मुजफ्फरनगर, 14 मई 2026।
जिलाधिकारी आवास के सामने गंदगी के बीच लगाए गए स्वास्तिक चिन्ह वाले बैरिकेड को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद गुरुवार को अचानक समाप्त हो गया, जब प्रशासन ने सुबह-सुबह ही सभी बैरिकेड वहां से हटवा दिए। इसके बाद शिवसेना ने अपना घोषित विरोध कार्यक्रम रद्द कर दिया।
शिवसेना ने आरोप लगाया था कि हिंदू धार्मिक प्रतीक स्वास्तिक चिन्ह को गंदगी और कूड़े के बीच लगाकर लगातार धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही थी। पार्टी के जिला अध्यक्ष लोकेश ने कहा कि पिछले करीब 10 दिनों से प्रशासन और नगर पालिका अधिकारियों से इन बैरिकेड को हटाने की मांग की जा रही थी, लेकिन अधिकारियों ने इस गंभीर मामले को नजरअंदाज किया।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक उदासीनता के चलते हिंदू समाज में भारी नाराजगी थी। इसी को देखते हुए दो दिन पहले शिवसेना नेताओं ने घोषणा की थी कि यदि प्रशासन स्वयं इन्हें नहीं हटाएगा तो शिवसेना कार्यकर्ता मौके पर पहुंचकर स्वास्तिक चिन्ह लगे बैरिकेड को वहां से हटाकर किसी पवित्र स्थान पर रखेंगे।
शिवसेना की इस चेतावनी के बाद प्रशासन हरकत में आया और गुरुवार सुबह नगर पालिका अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सभी बैरिकेड हटवा दिए। इसके चलते शिवसेना ने अपना प्रस्तावित कार्यक्रम स्थगित कर दिया।
जिला अध्यक्ष लोकेश ने कहा कि हिंदू धार्मिक प्रतीकों का सम्मान होना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में उनका अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष और नगर मजिस्ट्रेट का आभार जताते हुए कहा कि देर से ही सही, लेकिन प्रशासन ने हिंदू समाज की भावनाओं का सम्मान किया है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में शासन-प्रशासन जनता की धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए समय रहते उचित कार्रवाई करेगा, ताकि किसी भी प्रकार का विवाद पैदा न हो।

