मुजफ्फरनगर, 26 मार्च 2026:
संयुक्त हिंदू महासंघ और शिव सेना के तत्वावधान में आज अलमासपुर स्थित लक्ष्मी मैरिज होम में अखंड भारत के चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान की जयंती के अवसर पर एक भव्य विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों और सर्व समाज के लोगों की भागीदारी रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, भाजपा नेता गौरव स्वरूप, व्यापारी नेता सुनील तायल और कृष्णगोपाल मित्तल उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी राकेश सैनी एडवोकेट ने की, जबकि संचालन संयुक्त हिंदू मोर्चा अध्यक्ष मनोज सैनी और शिव सेना के मीडिया प्रभारी बसंत कश्यप ने किया।
गोष्ठी में वक्ताओं ने सम्राट अशोक के जीवन और उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सम्राट अशोक ने अपनी अद्वितीय वीरता और नेतृत्व क्षमता के बल पर अखंड भारत की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया और अपने जीवन में कोई युद्ध नहीं हारा। वक्ताओं ने उनके आदर्शों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताते हुए समाज को उनसे प्रेरणा लेने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान संयुक्त हिंदू महासंघ और शिव सेना के पदाधिकारियों ने राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल और गौरव स्वरूप के समक्ष महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने नगर में सम्राट अशोक की भव्य प्रतिमा स्थापित कराने और उनकी जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग को जोरदार तरीके से उठाया।
इस अवसर पर शिव सेना और संयुक्त हिंदू महासंघ के कई प्रमुख पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से डॉ. योगेंद्र शर्मा (प्रदेश महासचिव, शिव सेना), अखिलेश जाटव (अध्यक्ष, संयुक्त हिंदू महासंघ), बागेश अग्रवाल (प्रदेश अध्यक्ष), राजेश कश्यप (मंडल अध्यक्ष, शिव सेना), लोकेश सैनी (जिला अध्यक्ष, शिव सेना), पुष्पेंद्र सैनी, शैंकी शर्मा (युवा जिलाध्यक्ष), संजय गोयल, वीरेंद्र त्यागी, हरीश पालीवाल, शालू सैनी, गीता गुर्जर, सुनीता मलिक, कल्पना ठाकुर, शालिनी शर्मा, नेहा गोयल, संगीता चौधरी, श्रीपाल जैन, अभिषेक गुर्जर, सतीश कुकरेजा, अमित, सुधा वाल्मीकि, प्रमोद, डॉ. शिव कुमार, यशकुमार बुढ़ाना, आशीष शर्मा, अंकित बालियान, प्रदीप कोरी, विशाल सिंघल, राजकुमार सैनी, सूरज मिश्रा, सोनू कुमार और संजय कौशिक सहित अनेक लोग शामिल रहे।
कार्यक्रम का समापन सम्राट अशोक के आदर्शों को समाज में अपनाने और उनकी स्मृति को स्थायी रूप देने के संकल्प के साथ हुआ।

