मुजफ्फरनगर। शामली बस अड्डे से शाहपुर-बुढ़ाना मार्ग पर परिवहन संचालन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वर्षों से इस रूट पर टाटा मैजिक वाहन चलाकर आजीविका कमाने वाले चालकों ने अपने रोजगार पर संकट मंडराने का आरोप लगाते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता Sanjeev Balyan डॉ. संजीव बालियान से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। चालकों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो सैकड़ों परिवारों के सामने आर्थिक संकट और गहरा सकता है।
चालकों के प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. संजीव बालियान को बताया कि वे पिछले लगभग 20 वर्षों से शाहपुर-बुढ़ाना मार्ग पर यात्रियों को परिवहन सेवा उपलब्ध करा रहे हैं। आरोप है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन सेवा के अंतर्गत संचालित कुछ वाहन निर्धारित व्यवस्था का पालन करने के बजाय सीधे शामली बस अड्डे से संचालन कर रहे हैं और बीच सड़क पर वाहन खड़े कर सवारियां भरते हैं। इससे न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि पहले से इस मार्ग पर सेवा दे रहे टाटा मैजिक संचालकों की आय भी लगातार घट रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. संजीव बालियान ने शहर कोतवाल बृजेश शर्मा से फोन पर बातचीत कर दोनों पक्षों के बीच समन्वय स्थापित कर समाधान निकालने की बात कही। इसके बाद बड़ी संख्या में टाटा मैजिक चालक शहर कोतवाली पहुंचे और पुलिस अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
कोतवाली पहुंचे चालकों ने आरोप लगाया कि जब वे अपनी गाड़ियों में सवारियां बैठाने का प्रयास करते हैं तो कुछ लोग उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हैं और दबाव बनाकर उनके काम में बाधा उत्पन्न करते हैं। उनका कहना है कि लगातार बढ़ रहे इस विवाद के कारण कई चालकों की दैनिक आय प्रभावित हुई है और उनके परिवारों के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं।
वाहन संचालकों का कहना है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन सेवा का मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शहरों तक बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना था, लेकिन कुछ लोग योजना की भावना के विपरीत कार्य कर रहे हैं। उनका आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों से संचालन किए जाने वाले वाहन सीधे शहर के मुख्य बस अड्डे से सवारियां भर रहे हैं, जिससे लंबे समय से इस मार्ग पर कार्य कर रहे स्थानीय वाहन चालकों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
चालकों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और परिवहन संचालन के लिए स्पष्ट एवं समान नियम लागू किए जाएं ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में वाहन चालक आगे की रणनीति बनाने के लिए मजबूर होंगे।
हालांकि जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आ सका था। इसलिए लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्रदर्शन और शिकायत के दौरान संदीप शर्मा, रोहित, फुरकान, संजय गिरी, सुनील शर्मा, प्रवीण, मेहताब, सतीश राठी, शोएब, आमिर, कृष्ण पाल, टिल्लू, कल्लू, सोनी, आबिद, शिवकुमार, अनीश और मानसिंह प्रधान सहित बड़ी संख्या में वाहन चालक मौजूद रहे।

