मुजफ्फरनगर, 30 मई 2026। जनपद के व्यापारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाया है। विकास भवन सभागार में आयोजित जिला व्यापार बंधु समिति की बैठक में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण ने व्यापारियों की समस्याओं को विस्तार से सुना और संबंधित विभागों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान व्यापारियों ने शहर में जलभराव, स्ट्रीट लाइटों की खराब स्थिति, यातायात व्यवस्था, मंडी गेट पर लगने वाले जाम, विद्युत आपूर्ति, नगर पालिका और अन्य विभागों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर और नियमानुसार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी भरे अंदाज में निर्देश दिए कि जनहित और व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित करने वाली समस्याओं को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
जिलाधिकारी ने व्यापारिक संगठनों से भी कहा कि वे अपनी समस्याओं को लिखित रूप में उपायुक्त प्रशासन राज्य कर को उपलब्ध कराएं, ताकि उनका व्यवस्थित और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन व्यापारियों की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और समाधान के लिए सभी विभागों को जवाबदेह बनाया जाएगा।
बैठक में नगर क्षेत्र में जलभराव और खराब स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि आम जनता और व्यापारियों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए इन समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाए।
व्यापारियों ने मंडी गेट पर विशेष रूप से शनिवार और मंगलवार को लगने वाले भारी जाम की समस्या भी उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को वैकल्पिक यातायात व्यवस्था तैयार करने और जाम की समस्या को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में एक महत्वपूर्ण मुद्दा यह भी सामने आया कि शहर में विभिन्न विभागों द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होती। व्यापारियों ने शिकायत की कि अधिकांश स्थानों पर कार्यदायी संस्था या विभाग का कोई बोर्ड नहीं लगाया जाता, जिससे लोगों को यह जानकारी नहीं मिल पाती कि कार्य कौन करा रहा है और उसकी अवधि क्या है। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी विभागों को निर्देश दिया कि किसी भी निर्माण या विकास कार्य की शुरुआत से पहले स्थल पर संबंधित जानकारी वाला बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए। बोर्ड पर कार्य का नाम, विभाग, लागत और समयसीमा सहित पूरी जानकारी अंकित की जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
बैठक में पुलिस अधीक्षक यातायात, उपायुक्त प्रशासन राज्य कर, जिला वनाधिकारी, अग्निशमन अधिकारी, सहायक श्रम आयुक्त समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही जनपद के विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी बैठक में भाग लेकर व्यापारियों की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा।
जिला प्रशासन की इस बैठक को व्यापारियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देशों के बाद अब व्यापारियों की नजर इस बात पर टिकी है कि समस्याओं का समाधान कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से होता है।

