Friday, October 2, 2026

वैश्विक जिम्मेदारी की रैंकिंग में भारत का कद बढ़ा, 154 देशों में 16वां स्थान

नई दिल्ली | अंतरराष्ट्रीय–आर्थिक डेस्क
भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी जिम्मेदार और संतुलित भूमिका का एक और प्रमाण पेश किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी Responsible Nations Index (RNI) की ताज़ा रैंकिंग में भारत को 154 देशों में 16वां स्थान मिला है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब दुनिया कई राजनीतिक, आर्थिक और पर्यावरणीय चुनौतियों से जूझ रही है।
इस रैंकिंग में भारत ने कई विकसित देशों को पीछे छोड़ते हुए यह दिखाया है कि वह सिर्फ एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक जिम्मेदारियों को समझने और निभाने वाला देश भी है।
Responsible Nations Index क्या है
Responsible Nations Index एक अंतरराष्ट्रीय सूचकांक है, जो देशों का आकलन केवल उनकी आर्थिक ताकत से नहीं, बल्कि उनकी वैश्विक जिम्मेदारी, मानवीय योगदान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के आधार पर करता है।
इस इंडेक्स में मुख्य रूप से इन बिंदुओं को परखा जाता है:
वैश्विक शांति और स्थिरता में योगदान
पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता
अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता
शरणार्थियों और वैश्विक संकटों पर रुख
वैश्विक संस्थाओं में भागीदारी और सहयोग
भारत की रैंकिंग क्यों अहम मानी जा रही है
भारत का 16वां स्थान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि:
भारत एक विकासशील देश होते हुए भी जिम्मेदारी के मानकों पर खरा उतरा
उसने कई आर्थिक रूप से मजबूत देशों को पीछे छोड़ा
वैश्विक मुद्दों पर भारत की संतुलित नीति को मान्यता मिली
विशेषज्ञों का मानना है कि यह रैंकिंग भारत की विदेश नीति, मानवीय सोच और दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
पर्यावरण और जलवायु के मोर्चे पर भारत
Responsible Nations Index में पर्यावरण संरक्षण एक अहम पैमाना है।
भारत ने सोलर एनर्जी, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और कार्बन उत्सर्जन घटाने की दिशा में जो कदम उठाए हैं, उनका सकारात्मक असर इस रैंकिंग में साफ दिखाई देता है।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी है, और यही सोच उसे अन्य देशों से अलग पहचान देती है।
मानवीय सहायता और वैश्विक सहयोग
भारत ने बीते वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं, युद्धग्रस्त क्षेत्रों और स्वास्थ्य संकटों के दौरान कई देशों को सहायता पहुंचाई है।
चाहे मेडिकल सप्लाई हो, वैक्सीन सहयोग हो या आपदा राहत — भारत की भूमिका को वैश्विक स्तर पर सराहा गया है।
यही कारण है कि Responsible Nations Index में भारत को “विश्वसनीय और सहयोगी देश” के रूप में देखा गया है।
राजनीतिक और कूटनीतिक संतुलन
भारत की विदेश नीति को इस रैंकिंग में एक बड़ा आधार माना गया है।
वैश्विक तनाव, युद्ध और ध्रुवीकरण के दौर में भारत ने किसी एक धड़े का अंध समर्थन करने के बजाय संवाद, शांति और कूटनीति पर ज़ोर दिया।
यह संतुलन ही भारत को वैश्विक मंच पर एक जिम्मेदार राष्ट्र के रूप में स्थापित करता है।
अन्य देशों से तुलना
Responsible Nations Index की सूची में:
भारत 16वें स्थान पर
अमेरिका और चीन जैसे बड़े देश भारत से पीछे
शीर्ष स्थान पर वे देश हैं जो वैश्विक सहयोग और मानवीय योगदान में अग्रणी रहे
यह तुलना दिखाती है कि वैश्विक जिम्मेदारी केवल आर्थिक ताकत से नहीं, बल्कि नीति और नीयत से तय होती है।
भारत की छवि पर असर
इस रैंकिंग से भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को मजबूती मिली है।
निवेशक, वैश्विक संस्थाएं और साझेदार देश भारत को अब केवल बाज़ार के रूप में नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म स्ट्रेटेजिक पार्टनर के रूप में देख रहे हैं।
यह स्थिति आने वाले वर्षों में भारत के लिए:
विदेशी निवेश
कूटनीतिक समर्थन
वैश्विक निर्णय-प्रक्रिया में बड़ी भूमिका
जैसे अवसर खोल सकती है।

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