Friday, October 2, 2026

विकास के नाम पर बड़ा घोटाला, ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप।

खबर उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर से है।

जनपद के गांव तेवड़ा में ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, शिकायत पर जांच टीम ने की मौके पर जांच।

मुजफ्फरनगर। जनपद के मोरना ब्लॉक के गांव तेवड़ा में ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। गांव के तीन लोगों द्वारा जिला प्रशासन से की गई शिकायत के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर नौ बिंदुओं में जांच कराई गई, जिसमें कई चौंकाने वाली गड़बड़ियां सामने आई हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में तालाब की खुदाई के नाम पर लाखों रुपये निकाल लिए गए, जबकि मौके पर किसी तरह की खुदाई ही नहीं कराई गई।
इसी तरह वर्ष 2021 से 2025 के बीच कागजों में 26 फ्रिज खरीदे जाने का भुगतान दिखाया गया, लेकिन जांच में गांव में केवल 17 फ्रिज ही मौजूद पाए गए।
हैंडपंप रिबोर के नाम पर भी फर्जीवाड़े का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना किसी रिबोर कार्य के ही कागजों में रिबोर दिखाकर सरकारी धन निकाल लिया गया।
इसके अलावा जंगलों के रास्तों पर मिट्टी डालने का काम दर्शाया गया, जबकि जिन रास्तों पर यह कार्य दिखाया गया है, वे गांव तेवड़ा की सीमा से बाहर बताए जा रहे हैं।
चेनर (नाली/पथरीला कार्य) के नाम पर भी वास्तविक कार्य से कहीं अधिक पैसा निकालने का आरोप लगाया गया है।
सबसे गंभीर आरोप इंटरलॉक सड़कों को लेकर हैं। ग्रामीणों के अनुसार करीब 10 से 12 रास्तों पर कागजों में इंटरलॉक सड़क दिखाई गई है, लेकिन मौके पर वे रास्ते आज भी कच्चे हैं। वहीं कई जगहों पर इंटरलॉक की टाइल्स ग्रामीणों के घरों के अंदर लगी पाई गईं, जो सरकारी नियमों का खुला उल्लंघन है।
शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि करीब 90 से 95 फर्जी आईडी बनाकर सरकारी योजनाओं की धनराशि का गबन किया गया।
इतना ही नहीं, एक किसान के खेत को कागजों में तालाब दिखाकर करीब 5 लाख रुपये निकालने का भी गंभीर आरोप सामने आया है।
इन सभी मामलों की जांच के लिए जिलाधिकारी के आदेश पर
सुभाष चंद (राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य) और
कामेश्वर प्रसाद (लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता)
ने गांव में पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया और अभिलेखों की जांच की।
जांच टीम द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटा है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, सरकारी धन की रिकवरी कराई जाए और गांव में विकास कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ कराए जाएं।
फिलहाल गांव तेवड़ा में इस मामले को लेकर भारी चर्चा है और सभी की निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
1- गांव में तालाब की खुदाई के लिए पैसा निकाला गया लेकिन खुदाई नही हुई।

2- वर्ष 2021 से 2025 तक 26 फ्रिज के पैसे निकाले गए है लेकिन मोके पर 17 फ्रिज है।

3- हैंडपंप रिबोर के नाम पर फर्जी रिबोर दिखाकर पैसा निकाला गया।

4- जंगलों के रास्तों पर मिट्टी फर्जी मिट्टी कार्य दिखाया गया। जबकि वे रास्ते ग्राम तेवड़ा के रकबे से बाहर के रास्ते है।

5- चेनर के नाम काम से ज़्यादा पैसा निकाला गया है

6- बहुत इंटरलॉक घरों के अंदर लगे हुए है।

7- करीब 10 से 12 रास्ते ऐसे है जिनपर कागज़ों में इंटरलॉक है। लोकेशन पर जाकर देखा तो कच्चा रास्ता है।

8- करीब 90 से 95 फर्जी आईडी बनाकर पैसा निकाला गया है।

9- एक किसान के खेत को तालाब दिखाकर तकरीबन 5 लाख रुपिये निकाले गए है।

जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट।

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