मुज़फ्फरनगर के कंपनी बाग स्थित नेहरू वाटिका क्षेत्र में सड़क और सार्वजनिक रास्ते को लेकर विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। पर्यावरण सेवा समिति (रजि.) ने जिलाधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि सुमन विहार की तरफ जाने वाले सार्वजनिक रास्ते पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर रास्ता बंद कर दिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समिति की ओर से दिए गए पत्र में बताया गया कि कंपनी बाग नेहरू वाटिका क्षेत्र में सुमन विहार की तरफ पहले एक मुख्य रास्ता खुला हुआ था। इस रास्ते का उपयोग रोजाना मोहल्ले के लोग टहलने, आने-जाने और स्वास्थ्य लाभ के लिए करते थे। लेकिन कोरोना काल के दौरान जब लोगों की आवाजाही कम हुई, तभी कुछ लोगों ने कथित रूप से इस रास्ते पर कब्जा कर लिया। शिकायत में कहा गया है कि रास्ते को बंद कर वहां पक्का निर्माण कर दिया गया और अब उस जगह का उपयोग निजी वाहन खड़े करने तथा पशु बांधने के लिए किया जा रहा है।
मामले को और गंभीर बताते हुए समिति ने आरोप लगाया कि जब मोहल्ले की महिलाओं और स्थानीय लोगों ने रास्ते को दोबारा खुलवाने की मांग उठाई तो उन्हें धमकियां दी जाने लगीं। शिकायत पत्र में गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी तक देने का आरोप लगाया गया है। समिति का दावा है कि इस पूरे मामले से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्य भी उनके पास मौजूद हैं।
पर्यावरण सेवा समिति के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक रास्ते से अवैध कब्जा तत्काल हटाया जाए और रास्ता दोबारा आम लोगों के लिए खोला जाए। साथ ही धमकी देने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई है।
समिति का कहना है कि यह सिर्फ रास्ते का मामला नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, आम जनता के अधिकार और सार्वजनिक जमीन बचाने का मुद्दा है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन शिकायत पत्र वायरल होने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोग अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

