Thursday, October 1, 2026

रामपुर में जंगली कुत्तों का आतंक, हर दिन बढ़ रहे हमले।



रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद में इन दिनों जंगली कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा—कोई भी सुरक्षित नहीं है। आए दिन कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग घायल हो रहे हैं।

घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और जिला अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। अस्पतालों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग रेबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में रेबीज वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्थिति की गंभीरता साफ नजर आ रही है।

पीड़ितों का कहना है कि वे नगर पालिका और नगर निगम से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि न तो कुत्तों को पकड़ा जा रहा है और न ही उनकी नसबंदी की जा रही है। अगर समय रहते नसबंदी और नियंत्रण की व्यवस्था की जाती, तो कुत्तों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाई जा सकती थी।

जिला अस्पताल प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए नगर पालिका को कई बार पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अस्पताल परिसर में भी जंगली कुत्ते घूमते रहते हैं, जिससे मरीजों और स्टाफ दोनों को खतरा बना रहता है। हालांकि, अब तक इन पत्रों पर कोई प्रभावी जवाब नहीं मिला है।

रामपुर जिला अस्पताल में जनरल फिजिशियन के पद पर तैनात डॉक्टर ओपी राय ने मामले को बेहद गंभीर बताया। उनका कहना है कि जंगली कुत्तों की बढ़ती संख्या और हमले चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम को तुरंत प्रभावी कदम उठाने चाहिए। डॉक्टर राय ने बताया कि अस्पताल परिसर में भी कुत्तों की मौजूदगी से खतरा बना रहता है, और ग्रामीण इलाकों से भी लगातार हमलों की खबरें आ रही हैं।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नगर पालिका इस गंभीर समस्या पर सख्त रुख अपनाएगी या फिर लोग इसी तरह जंगली कुत्तों के हमलों का शिकार होते रहेंगे। प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार अब पूरे जिले को है।

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