लखनऊ।
रमजान के दौरान आयोजित एक धार्मिक जलसे में मौलाना अब्दुल्ला सलीम द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बयान का वीडियो सामने आने के बाद विभिन्न संगठनों और आम लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
बताया जा रहा है कि बिहार में आयोजित एक जलसे के दौरान मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने अपनी तकरीर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश में लागू गौकशी पर सख्त कानून का जिक्र करते हुए ऐसे बयान दिए, जिन्हें कई लोगों ने भड़काऊ और समाज में तनाव पैदा करने वाला बताया।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले को लेकर विरोध तेज हो गया। इसी के विरोध में सोमवार को लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता शिव प्रताप सिंह ‘छोटू’ के नेतृत्व में मौलाना अब्दुल्ला सलीम का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नारेबाजी करते हुए मौलाना से अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर मौलाना अब्दुल्ला सलीम अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगते हैं तो सर्व समाज के लोग मिलकर बड़ा और उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के परिवार, खासकर मां के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करना समाज में नफरत फैलाने जैसा है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इस विरोध प्रदर्शन में शरजील रहमान, अफजल खान, अब्दुल खान, संदीप शुक्ला, संजीव बाजपेई, पंकज यादव और कुलदीप यादव समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। खास बात यह रही कि विरोध में हिंदू और मुस्लिम समाज के लोग एक साथ शामिल हुए और सभी ने विवादित बयान की कड़ी निंदा की।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन से मांग की कि मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह के विवादित और भड़काऊ बयान देने से बचे। साथ ही उपस्थित लोगों ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और आपसी भाईचारा कायम रखने की अपील भी की।

