मुरादाबाद के बहुचर्चित 2011 मैनाठेर बलवा प्रकरण में आज अदालत बड़ा फैसला सुनाने जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट परिसर में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में पुलिस बल और RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) तैनात है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी खुद कुमार रणविजय सिंह कर रहे हैं। वे लगातार कोर्ट परिसर में मौजूद रहकर भीड़ को नियंत्रित कर रहे हैं और माहौल को शांत बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
यह मामला साल 2011 का है, जब मैनाठेर इलाके में भड़की भीड़ ने हिंसक रूप ले लिया था। इस दौरान तत्कालीन एसएसपी/डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए थे।
मामले में शुरुआत में 33 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिनमें से 25 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई। सुनवाई के दौरान 3 आरोपियों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 आरोपी नाबालिग हैं, जिनका मामला किशोर न्यायालय में अलग से चल रहा है।
बीते 23 मार्च को एडीजे-2 कृष्ण कुमार की अदालत ने 16 आरोपियों को दोषी करार दिया था और सजा का फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब आज इन्हीं दोषियों को सजा सुनाई जानी है।
इस फैसले को लेकर पूरे क्षेत्र में तनाव और उत्सुकता का माहौल है। प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है। अदालत का यह फैसला न केवल इस पुराने मामले का अंत करेगा, बल्कि कानून-व्यवस्था को लेकर एक बड़ा संदेश भी देगा।

