मेरठ से दिल्ली रैपिड रेल: ट्रायल पूरा, 22 फरवरी को पीएम की हरी झंडी
मेरठ और दिल्ली के बीच चलने वाली देश की पहली क्षेत्रीय रैपिड रेल सेवा का ट्रायल अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। शुक्रवार को नमो भारत ट्रेन मेरठ के बेगमपुल स्टेशन से चलकर दिल्ली के सराय काले खां तक सफलतापूर्वक पहुंची। इस ट्रायल में ट्रेन ने करीब 55 मिनट में पूरी दूरी तय की, जो इस परियोजना की गति और क्षमता को दर्शाता है। अब 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
यह ट्रायल देश की सबसे महत्वपूर्ण परिवहन परियोजनाओं में से एक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) द्वारा किया गया। इस कॉरिडोर के शुरू होने से मेरठ और दिल्ली के बीच यात्रा का समय नाटकीय रूप से कम हो जाएगा।
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बेगमपुल से सराय काले खां तक पहली दौड़
ट्रायल के दौरान ट्रेन मेरठ के बेगमपुल स्टेशन से रवाना हुई और सीधे दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन पहुंची। अधिकारियों के अनुसार:
ट्रेन ने पूरी दूरी लगभग 55 मिनट में तय की
सभी तकनीकी सिस्टम पूरी तरह सफल रहे
सिग्नल, ट्रैक और सुरक्षा प्रणाली का परीक्षण किया गया
यात्रा के दौरान ट्रेन की स्पीड और ब्रेकिंग सिस्टम भी जांचे गए
यह पहली बार है जब मेरठ से दिल्ली तक पूरे सेक्शन पर इस तरह का पूर्ण ट्रायल किया गया।
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मेरठ-दिल्ली के बीच यात्रा में आएगा ऐतिहासिक बदलाव
यह रैपिड रेल कॉरिडोर मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली के लाखों यात्रियों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। वर्तमान में मेरठ से दिल्ली पहुंचने में 2 से 3 घंटे तक का समय लगता है, लेकिन रैपिड रेल से यह समय घटकर लगभग एक घंटे के आसपास रह जाएगा।
इस परियोजना से सबसे अधिक फायदा दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को मिलेगा।
कॉरिडोर का मुख्य मार्ग:
मेरठ
गाजियाबाद
दिल्ली
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22 फरवरी को होगा ऐतिहासिक उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को इस पूरे सेक्शन का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद आम जनता के लिए मेरठ से दिल्ली तक नमो भारत ट्रेन सेवा शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा।
सरकार का दावा है कि यह परियोजना:
देश की सबसे आधुनिक ट्रेन सेवा है
विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस है
प्रदूषण कम करने में मदद करेगी
सड़क ट्रैफिक का बोझ कम करेगी
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देश के परिवहन इतिहास का बड़ा मोड़
मेरठ-दिल्ली रैपिड रेल सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि देश के परिवहन ढांचे में एक ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है। इस परियोजना की सफलता के बाद देश के अन्य शहरों में भी इसी तरह की रैपिड रेल परियोजनाएं शुरू करने की योजना है।
अब सबकी नजर 22 फरवरी पर है, जब यह परियोजना आधिकारिक रूप से शुरू होगी और लाखों लोगों की जिंदगी बदलने की शुरुआत करेगी।
जनपद मेरठ से संवाददाता दीपक वर्मा की रिपोर्ट

