Friday, October 2, 2026

मेरठ में फर्जी लोन गैंग का बड़ा खेल बेनकाब!



मेरठ। मेरठ पुलिस ने एक बड़े साइबर और आर्थिक अपराध का पर्दाफाश करते हुए अवैध टेलीफोन एक्सचेंज और फर्जी लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह न सिर्फ लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रहा था, बल्कि अवैध तकनीक के जरिए भारत सरकार को भी भारी राजस्व नुकसान पहुंचा रहा था।

जनपदीय स्वाट टीम, साइबर सेल और थाना कोतवाली पुलिस ने आजाद नगर गोला कुआं क्षेत्र में छापेमारी कर इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मौ. समीर मंसूरी, नासिर और प्रशांत पाल के रूप में हुई है।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सिम बॉक्स तकनीक का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय VOIP कॉल्स को सामान्य मोबाइल कॉल में बदल देते थे। इस अवैध सिस्टम के जरिए विदेशी कॉल्स को स्थानीय कॉल की तरह दिखाया जाता था, जिससे सरकारी टेलीकॉम व्यवस्था और सुरक्षा एजेंसियों को भारी नुकसान पहुंच रहा था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह तकनीक कई बार साइबर अपराध, फर्जी कॉलिंग और ठगी के मामलों में भी इस्तेमाल होती है।

इतना ही नहीं, यह गिरोह ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को आसान लोन का झांसा देते थे और प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज और अन्य बहानों से मोटी रकम वसूल लेते थे। जब तक लोगों को ठगी का अहसास होता, तब तक आरोपी नंबर बदलकर गायब हो जाते थे।

पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामद सामान में 32 सिम स्लॉट वाले 2 अत्याधुनिक सिम बॉक्स, 97 सिम कार्ड, 2 लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, 1 प्रिंटर, 1 स्कैनर, 18 एटीएम और प्लेटिनम कार्ड, 20 चेकबुक, 28 स्टाम्प पेपर और विभिन्न पहचान पत्र शामिल हैं। इसके अलावा फर्जी फाइनेंस कंपनियों के नाम पर छपे सैकड़ों पैम्पलेट, लिफाफे और वर्कबुक भी बरामद हुई हैं।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 2 कारें और नकदी भी कब्जे में ली है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था और कितने लोग इनके शिकार बने।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ साधारण ठगी का मामला नहीं, बल्कि संगठित साइबर अपराध और अवैध टेलीकॉम नेटवर्क से जुड़ा गंभीर मामला है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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