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किसी ने सच ही कहा है—There is no such thing as a perfect crime, यानी कोई भी अपराध पूरी तरह परफेक्ट नहीं होता। मेरठ के दौराला में सामने आए तीन लोगों की मौत के खुलासे ने इस कहावत को एक बार फिर सच साबित कर दिया। बड़ी बहन ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर भाई को रास्ते से हटाने की साजिश रची, लेकिन एक छोटी सी चूक ने पूरे राज से पर्दा उठा दिया। अपराधियों की छोटी सी चूक पुलिस के लिए एक बड़ा ब्रेक थ्रू बन गई। जिसके आधार पर मेरठ पुलिस ने बड़े हत्याकांड का खुलासा कर डाला।
समरी:
मेरठ के दौराला इलाके में शुक्रवार शाम हुई तीन लोगों की मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। शुरुआत में इसे जहरीली शराब का मामला माना गया, लेकिन 24 घंटे के भीतर पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि यह मामला जहरीली शराब का नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या का है। मृतक अंकित की 38 वर्षीय बहन अलका और उसके प्रेमी पवन उर्फ पोली ने अपने दोस्त अशोक वर्मा के साथ मिलकर शराब के पाउच में तरीके से टेट्रा पाउच में साइनाइड जैसा खतरनाक जहर मिला दिया। घटना वाले दिन अंकित “बंटी जीरा मसाला” देसी शराब का पाउच लेकर रिया ऑयल मिल एवं आटा चक्की पहुंचा, जहां बाबूराम प्रजापति और जितेंद्र कुमार पहले से मौजूद थे। तीनों ने साथ शराब पी, लेकिन कुछ ही मिनटों में उनकी हालत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय तीनों की मौत हो गई। लैब जांच में मेथेनॉल और क्लोरल हाइड्रेट नेगेटिव पाए गए, जिससे साफ हो गया कि शराब जहरीली नहीं थी। मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर और एसएसपी अविनाश पांडे ने घटनास्थल का बहुत बारीकी से निरीक्षण किया।
मामले की गंभीरता को मेरठ पुलिस की तीनों स्वाट टीम, सर्विलांस टीम, लोकल इंटेलिजेंस यूनिट, फॉरेंसिक टीम के साथ साथ मुखबिर तंत्र को अलग-अलग एंगल पर जांच में लगाया गया। पुलिस को घटनास्थल से मिला शराब का खाली पाउच टेम्पर मिला, उसके एक हिस्से को एल्फी की मदद से चिपकाया गया था। यही छोटी सी चूक पुलिस के लिए अहम सुराग बनी और जांच की दिशा बदल गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि अंकित की अविवाहित बड़ी बहन अलका और पवन उर्फ पोली के अवैध संबंध थे, जिनका अंकित विरोध करता था। दोनों पिछले 15 दिनों से यूट्यूब पर जहर देकर हत्या के तरीके देख रहे थे और उसी आधार पर साजिश को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले, जिसमें अलका और पवन के बीच लगातार लंबी बातचीत सामने आई। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में पवन ने बताया कि उसे साइनाइड की श्रेणी का खतरनाक जहर उसके जिगरी दोस्त अशोक वर्मा ने उपलब्ध कराया था। इस साजिश में दो निर्दोष बाबूराम प्रजापति और जितेंद्र कुमार भी शिकार बन गए, जोकि इस पूरे षड्यंत्र से अनजान थे।
क्लोजिंग:
फिलहाल पुलिस ने अंकित की बहन अलका और उसके प्रेमी पवन उर्फ पोली और साइनाइड श्रेणी का खतरनाक जहर उपलब्ध कराने वाले पवन के दोस्त अशोक वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों पर सुनियोजित हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यह मामला न सिर्फ रिश्तों को शर्मसार करने वाला है, बल्कि यह भी दिखाता है कि लालच, अवैध संबंध और साजिश मिलकर किस तरह निर्दोष जिंदगियों को खत्म कर सकते हैं। दूसरा सबक यह भी है कि अपराध कितना भी शातिर तरीके से क्यों न किया जाए, कोई न कोई सुराग जरूर छूटता है और वही सुराग सच को सामने ले आता है।
जनपद मेरठ से संवाददाता दीपक वर्मा की रिपोर्ट

