मुज़फ्फरनगर में ‘धर्म युद्ध’ की चेतावनी, मृत गायों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार की मांग तेज
उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर में गौ सेवक नीशू द्वारा ‘धर्म युद्ध’ के ऐलान ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच हलचल पैदा कर दी है। नीशू ने मृत गायों के लिए अलग से श्मशान घाट बनाने और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
नीशू का कहना है कि वर्तमान में जिले में मृत गौवंश के अंतिम संस्कार के लिए कोई स्थायी और सम्मानजनक व्यवस्था मौजूद नहीं है, जो धार्मिक भावनाओं को आहत करती है। उन्होंने मांग की है कि प्रस्तावित श्मशान घाट में गायों के अंतिम संस्कार के दौरान नमक और कफ़न जैसी आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप हो सके।
इस मांग को लेकर नीशू ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे जिले के सभी जनप्रतिनिधियों—चाहे वे वर्तमान हों या पूर्व—के आवासों के बाहर क्रमिक धरना शुरू करेंगे। इस आंदोलन में मंत्री, पूर्व मंत्री, सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, चेयरमैन और पूर्व चेयरमैन तक को शामिल करने की बात कही गई है।
गौरतलब है कि नीशू ने इस आंदोलन को लेकर व्यक्तिगत संकल्प भी लिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे और नंगे पांव ही रहेंगे। पिछले एक सप्ताह से वे इसी संकल्प के साथ पैदल मार्च कर रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा और समर्थन दोनों बढ़ रहे हैं।
नीशू इस आंदोलन को “गौ सम्मान और हिंदू आस्था” से जुड़ा हुआ बताते हैं। उनका कहना है कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि आस्था का प्रतीक है, इसलिए उसके मृत शरीर के साथ भी सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।
इस पूरे मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। यदि प्रशासन ने समय रहते समाधान नहीं निकाला, तो यह मुद्दा बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है, जिससे जिले की कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

