जनपद में सर्दियों की पहली बारिश ने मौसम का रुख पूरी तरह बदल दिया। जनवरी की कड़ाके की ठंड के बीच हुई बारिश से ठंड और तेज हो गई, जिससे जनजीवन पर सीधा असर पड़ा। सुबह अचानक शुरू हुई हल्की बारिश ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड और नमी बढ़ा दी, जिससे लोग ठिठुरते नजर आए।
मौसम विभाग के अनुसार, यह बारिश पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का परिणाम है। सुबह करीब 9 बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई, जो कुछ समय तक जारी रही। बारिश के कारण सड़कों पर नमी फैल गई और वातावरण में ठंडक और गहराती चली गई। जिले का न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ठंडी हवाएं लगभग 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं।
बारिश के बाद जिले भर में ठंड का असर और बढ़ गया। सुबह काम पर निकलने वाले लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम रही और बाजारों में भी अपेक्षाकृत कम चहल-पहल देखने को मिली। ठंडी हवा और नमी के कारण खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीण इलाकों में भी बारिश का असर साफ दिखाई दिया। खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसलों पर मौसम के प्रभाव को लेकर किसान चिंतित नजर आए। विशेषज्ञों का कहना है कि हल्की बारिश फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है, लेकिन अगर बारिश का दौर बढ़ता है तो नुकसान की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रह सकते हैं और तापमान में गिरावट जारी रह सकती है। हल्की बारिश और ठंडी हवाओं का असर बने रहने की संभावना है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के लगातार सक्रिय होने से उत्तर भारत के मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। इसका असर मुजफ्फरनगर सहित आसपास के जिलों में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की अपील की है और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट

