नई दिल्ली: हरेंद्र सिंह मलिक ने संसद में आज मुजफ्फरनगर जनपद की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक बेहद गंभीर और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि जिले में जल्द से जल्द CGHS (Central Government Health Scheme) अस्पताल, ECHS (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme) अस्पताल का निर्माण किया जाए, साथ ही एक अत्याधुनिक कैंसर सेंटर की स्थापना की जाए जिसे AIIMS से जोड़ा जाए।
सांसद मलिक ने कहा कि मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों की बड़ी आबादी को आज भी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता है। विशेष रूप से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के मरीजों को समय पर इलाज न मिलने से उनकी स्थिति और अधिक बिगड़ जाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि जिले में ही एक बड़ा कैंसर संस्थान स्थापित हो जाए और उसे AIIMS से संबद्ध किया जाए, तो लाखों लोगों को राहत मिल सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि CGHS और ECHS अस्पतालों की अनुपस्थिति के कारण सरकारी कर्मचारियों और पूर्व सैनिकों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए उन्हें अन्य शहरों में जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।
मलिक ने सरकार से अपील की कि इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए, क्योंकि यह सीधे तौर पर आम जनता के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इस महत्वपूर्ण जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार अब समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है।
संसद में उठाया गया यह मुद्दा क्षेत्र के विकास और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस पर कितनी जल्द और प्रभावी कार्रवाई करती है।

