रामपुर।
उत्तर प्रदेश के रामपुर में बहुचर्चित जैनब उर्फ पायल हत्याकांड मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। रामपुर की अदालत ने पायल के मंगेतर समेत सभी छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
करीब सात साल बाद आए इस फैसले से पायल के परिजनों को न्याय मिला है, वहीं यह फैसला समाज के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
2018 में हुआ था अपहरण, फिर सामने आई खौफनाक सच्चाई
यह मामला वर्ष 2018 का है। थाना गंज क्षेत्र की रहने वाली जैनब उर्फ पायल अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था।
जांच के दौरान जब पुलिस ने मामले की तह तक पड़ताल की, तो जो सच सामने आया उसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पायल की हत्या उसके ही मंगेतर जहांगीर ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी।
हत्या के बाद शव के किए गए तीन टुकड़े
जांच में सामने आया कि हत्या के बाद आरोपियों ने शव के तीन टुकड़े कर दिए थे। इसके बाद शव को कोसी नदी के पास स्थित एक फार्म हाउस में जमीन के नीचे दफन कर दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर क्षत-विक्षत शव बरामद किया था।
साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट का सख्त फैसला
लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर छहों आरोपियों को दोषी पाया। अदालत ने मुख्य आरोपी जहांगीर, उसके पिता ताहिर खां और अन्य चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
सजा पाने वाले आरोपी
जहांगीर (मुख्य आरोपी, पायल का मंगेतर)
ताहिर खां (जहांगीर का पिता)
इमरोज
प्रभजीत सिंह उर्फ सागर
दानिश
निसार
सभी दोषियों को उम्रकैद के साथ-साथ 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी भरना होगा।
परिजनों को मिला इंसाफ, समाज के लिए संदेश
फैसले के बाद पायल के परिजनों ने राहत की सांस ली है। कानून के जानकारों का कहना है कि इस तरह के सख्त फैसले अपराधियों के लिए चेतावनी हैं और समाज में कानून के प्रति भरोसा मजबूत करते हैं।

