प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चर्चित कोचिंग संस्थान एग्जामपुर (ExamPur) पर प्रशासन की कार्रवाई के बाद छात्रों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के बीच भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। कोचिंग संचालक और शिक्षक विवेक सर का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे छात्रों को संबोधित करते हुए रो पड़ते हैं। वीडियो में विवेक सर कहते दिखाई दे रहे हैं कि वर्षों की मेहनत से खड़ा किया गया संस्थान अब संकट में है और हजारों छात्रों का भविष्य भी प्रभावित हो सकता है।
मामला उस समय और चर्चा में आ गया जब प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने एग्जामपुर सहित कुछ अन्य कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई भवन नियमों, निर्माण संबंधी अनियमितताओं और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के आधार पर की गई है। अधिकारियों के अनुसार संस्थानों को पहले भी नोटिस जारी किए गए थे और नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
हालांकि, छात्रों और कई लोगों का आरोप है कि हाल ही में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मुद्दे पर कुछ शिक्षकों ने खुलकर छात्रों का समर्थन किया था। इसके कुछ ही दिनों बाद संबंधित कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई होने से सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में छात्र इस कार्रवाई के समय को लेकर सवाल पूछ रहे हैं। वहीं प्रशासन ने किसी भी तरह के राजनीतिक या अन्य आरोपों को लेकर आधिकारिक तौर पर ऐसी कोई पुष्टि नहीं की है।
विवेक सर के भावुक होने का वीडियो छात्रों के बीच तेजी से फैल रहा है। कई छात्र इसे शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच गहरे रिश्ते का प्रतीक बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि यदि संस्थान लंबे समय से संचालित हो रहे थे तो अचानक हुई कार्रवाई के पीछे की परिस्थितियों को भी स्पष्ट किया जाना चाहिए।
फिलहाल प्रशासन अपनी कार्रवाई को नियमों के अनुरूप बता रहा है, जबकि छात्रों और समर्थकों की ओर से विरोध जारी है। आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक राजनीतिक तथा सामाजिक चर्चा का विषय बन सकता है। सबसे बड़ी चिंता उन हजारों छात्रों की है, जिनकी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी इस कार्रवाई से सीधे प्रभावित हुई है।
प्रशासन ने कार्रवाई का कारण भवन एवं सुरक्षा नियमों से जुड़ी अनियमितताओं को बताया है। कार्रवाई के पीछे किसी अन्य उद्देश्य का कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है।

