मुज़फ्फरनगर की चर्चित विवाहिता शिल्पा एक बार फिर चर्चा में है। ससुराल के बाहर चार दिन तक धरना देने और बाद में पुलिस कार्रवाई के चलते जेल जाने के बाद अब उसने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखी है। शुक्रवार रात शिल्पा फेसबुक पर लाइव आई और करीब 13 मिनट 16 सेकेंड तक अपनी आपबीती साझा करते हुए व्यवस्था, जनप्रतिनिधियों और समाज से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे।
पीनना गांव निवासी शिल्पा ने लाइव प्रसारण के दौरान कहा कि मंचों से महिलाओं के सम्मान और बेटियों के अधिकारों की बातें तो खूब की जाती हैं, लेकिन जब किसी महिला को न्याय की आवश्यकता होती है तो उसे अक्सर अकेला छोड़ दिया जाता है। उसने कहा कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियानों का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब जरूरत के समय पीड़ित महिलाओं को वास्तविक सहयोग और न्याय मिल सके।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में शिल्पा ने कहा कि वह लंबे समय से अपने मामले में न्याय की उम्मीद लगाए हुए है, लेकिन अब तक उसे संतोषजनक समाधान नहीं मिल पाया है। उसने मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों से सवाल करते हुए कहा कि जब उसे सबसे अधिक समर्थन की आवश्यकता है, तब कोई भी उसके पक्ष में खड़ा दिखाई नहीं दे रहा।
शिल्पा ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उसके सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उसका कहना है कि वह लगातार न्याय की गुहार लगा रही है, लेकिन उसे समझ नहीं आ रहा कि अपनी बात रखने और समाधान पाने के लिए अब किस दरवाजे पर जाए। लाइव प्रसारण के दौरान उसने समाज से भी अपील की कि किसी भी महिला की समस्या को केवल एक व्यक्तिगत विवाद मानकर नजरअंदाज न किया जाए, बल्कि संवेदनशीलता के साथ उसकी बात सुनी जाए।
गौरतलब है कि शिल्पा का मामला पहले भी जिले में चर्चा का विषय रह चुका है। ससुराल के बाहर धरना देने के कारण यह प्रकरण सुर्खियों में आया था और बाद में पुलिस कार्रवाई के चलते मामला और अधिक चर्चित हो गया। अब एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए शिल्पा ने अपनी बात लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की है।
हालांकि, शिल्पा द्वारा लगाए गए आरोपों और उसके दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले से जुड़े सभी पक्षों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई जांच और आधिकारिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर प्रत्येक पक्ष की बात सुनी जाती है और किसी भी शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी साझा न करें और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें। साथ ही, यदि किसी व्यक्ति को कोई शिकायत या समस्या है तो वह संबंधित विभाग और कानूनी माध्यमों का सहारा लेकर अपनी बात रख सकता है।

