मेरठ के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध नौचंदी मेले का रविवार को विधिवत उद्घाटन किया गया। हर साल की तरह इस बार भी मेले की शुरुआत पारंपरिक तरीके से कबूतर उड़ाकर की गई, जिससे मेले के शुभारंभ की घोषणा हुई। उद्घाटन कार्यक्रम में प्रशासनिक और राजनीतिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
कार्यक्रम में मेरठ के जिलाधिकारी वीके ठाकुर, सिवाल खास विधायक गुलाम मोहम्मद, कैंट विधायक अमित अग्रवाल और जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। मेले के उद्घाटन के दौरान सभी अतिथियों ने मेले की परंपराओं और इसकी ऐतिहासिक विरासत पर चर्चा की और इसे सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया।
हालांकि उद्घाटन समारोह के दौरान एक ऐसा दृश्य भी सामने आया जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। नौचंदी मेले की परंपरा के अनुसार बड़े मियां की मजार पर चादर चढ़ाई जाती है, लेकिन इस दौरान कैंट विधायक अमित अग्रवाल और जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने मजार पर चादर चढ़ाने की रस्म से दूरी बनाए रखी। दोनों नेता उस समय अलग खड़े नजर आए, जबकि अन्य लोग परंपरागत रस्म निभा रहे थे।
इस घटनाक्रम को लेकर मेले में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का माहौल भी देखने को मिला। कई लोगों ने इसे राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से जोड़ा, जबकि कुछ लोगों का मानना था कि यह व्यक्तिगत आस्था का विषय हो सकता है।
गौरतलब है कि मेरठ का नौचंदी मेला सदियों पुरानी परंपरा का प्रतीक है और इसे हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल माना जाता है। मेले की शुरुआत बड़े मियां की मजार पर चादर चढ़ाने और नौचंदी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ होती है। हर साल लाखों लोग इस मेले में शामिल होकर इसकी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का हिस्सा बनते हैं।
प्रशासन की ओर से मेले में सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती के साथ-साथ मेले में आने वाले लोगों की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि यह ऐतिहासिक आयोजन शांतिपूर्ण और सफल तरीके से संपन्न हो सके।

