दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी क्रम में मेरठ प्रशासन और अग्निशमन विभाग भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। किसी भी संभावित हादसे को रोकने के उद्देश्य से शहर के होटल, रेस्टोरेंट, मॉल और अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
इसी अभियान के तहत दिल्ली रोड स्थित होटल नेस्ट में अग्निशमन विभाग की टीम ने पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान होटल में स्थापित फायर फाइटिंग सिस्टम, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास मार्ग, अलार्म सिस्टम तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों की बारीकी से जांच की गई।
जांच अभियान का नेतृत्व कर रहे एसआई आकाश चौहान अपनी टीम के साथ होटल पहुंचे और वहां मौजूद प्रबंधन एवं कर्मचारियों से सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने होटल स्टाफ को आग लगने जैसी आपातकालीन स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्यों की प्रक्रिया समझाई और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
अग्निशमन अधिकारियों ने होटल मालिक और मैनेजर को शासन द्वारा निर्धारित अग्नि सुरक्षा नियमों से अवगत कराते हुए कहा कि सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करना प्रत्येक संस्थान की जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कुछ आवश्यक सुझाव भी दिए ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अग्नि सुरक्षा उपकरण केवल औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने के लिए होते हैं। इसलिए सभी संस्थानों को समय-समय पर उपकरणों की जांच, रखरखाव और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
दिल्ली में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेरठ में चलाया जा रहा यह विशेष निरीक्षण अभियान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे और नियमों की अनदेखी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

