Friday, October 2, 2026

टोल फ्री सुविधा पर सरकार की नजर, VIP और कई सरकारी वाहनों से भी वसूला जा सकता है टोल टैक्स।



देश में नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए आने वाले समय में टोल व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लंबे समय से कुछ विशेष श्रेणी के सरकारी अधिकारियों, विभागों और VIP वाहनों को टोल टैक्स में छूट मिलती रही है, लेकिन अब इस पूरी व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की चर्चा तेज हो गई है। सरकार को एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा सुझाव दिया गया है कि टोल फ्री वाहनों की सूची का पुनर्मूल्यांकन किया जाए और यह देखा जाए कि किन श्रेणियों को वास्तव में छूट की आवश्यकता है।

जानकारी के अनुसार, देशभर में हजारों वाहन ऐसे हैं जो विशेष अधिकारों के तहत टोल प्लाजा से बिना शुल्क दिए गुजरते हैं। वर्षों से चली आ रही इस व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या सभी श्रेणियों को टोल छूट जारी रखना उचित है या नहीं। इसी को ध्यान में रखते हुए एक हाई-लेवल कमेटी ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को सुझाव दिया है कि मौजूदा नियमों की विस्तृत समीक्षा की जाए।

यदि सरकार समिति के सुझावों को स्वीकार करती है, तो कई ऐसे सरकारी वाहन और अधिकारी, जिन्हें अभी तक टोल टैक्स नहीं देना पड़ता था, भविष्य में शुल्क का भुगतान करने के लिए बाध्य हो सकते हैं। हालांकि अभी तक किसी भी श्रेणी की छूट समाप्त करने का आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन समीक्षा की खबर ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि टोल छूट का दायरा सीमित करने से सरकार को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है, जिसका उपयोग राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण, रखरखाव और नई सड़क परियोजनाओं में किया जा सकेगा। इसके अलावा इससे आम नागरिकों के बीच समानता का संदेश भी जाएगा, क्योंकि सड़क का उपयोग करने वाले अधिकांश लोगों को टोल देना पड़ता है जबकि कुछ वर्गों को विशेष छूट प्राप्त रहती है।

वर्तमान में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्य न्यायाधीश समेत कुछ संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को नियमों के तहत टोल छूट प्राप्त है। समीक्षा के दौरान सरकार यह तय कर सकती है कि किन श्रेणियों को छूट जारी रखी जाए और किन्हें सामान्य टोल व्यवस्था के दायरे में लाया जाए।

हालांकि अभी यह केवल सुझाव और समीक्षा के स्तर पर है तथा कोई नया नियम लागू नहीं हुआ है। अंतिम निर्णय केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालय द्वारा सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद लिया जाएगा। लेकिन यदि बदलाव लागू होता है, तो यह देश की टोल नीति में एक महत्वपूर्ण और व्यापक परिवर्तन साबित हो सकता है, जिसका असर VIP संस्कृति से लेकर सरकारी वाहन व्यवस्था तक पर दिखाई देगा।

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