Thursday, October 1, 2026

ग्रेट निकोबार में जनजातीय अधिकार सुरक्षित, दावों पर तथ्य भारी।




ग्रेट निकोबार को लेकर पिछले कुछ समय से जनजातीय अधिकारों और विकास परियोजनाओं पर बहस तेज हो गई है। इस बीच केंद्र सरकार का स्पष्ट रुख सामने आया है कि द्वीप में रहने वाली आदिम जनजातियों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके अधिकारों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है।

सरकार के अनुसार, ग्रेट निकोबार में चल रही विकास परियोजनाओं को इस तरह से तैयार किया गया है कि जनजातीय जीवन, उनकी संस्कृति और पारंपरिक क्षेत्र प्रभावित न हों। खास बात यह है कि जनजातीय आरक्षित क्षेत्र को कम करने के बजाय बढ़ाने का दावा किया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि विकास और संरक्षण दोनों को साथ लेकर चलने की कोशिश की जा रही है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्रेट निकोबार में मुख्य रूप से शोंपेन और निकोबारी जैसी जनजातियां निवास करती हैं, जिनकी जीवनशैली पूरी तरह प्रकृति पर आधारित है। ऐसे में किसी भी परियोजना को लागू करने से पहले पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव का आकलन बेहद जरूरी होता है। सरकार का कहना है कि इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ही योजनाओं को मंजूरी दी गई है।

वहीं, कुछ संगठनों और विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि बड़े विकास कार्यों के नाम पर आदिवासी क्षेत्रों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, सरकार ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा है कि सभी निर्णय कानूनी प्रक्रिया, पर्यावरणीय मंजूरी और जनजातीय सुरक्षा के नियमों के तहत लिए गए हैं।

सरकार यह भी दावा कर रही है कि जनजातीय क्षेत्रों की सीमाएं न केवल बरकरार हैं, बल्कि कुछ हिस्सों में उनका विस्तार भी किया गया है, ताकि पारंपरिक अधिकार और मजबूत हो सकें। इसके अलावा, जनजातियों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

ग्रेट निकोबार परियोजना को देश के सामरिक और आर्थिक दृष्टिकोण से भी अहम माना जा रहा है। इसमें बंदरगाह, हवाई अड्डा और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है, जो भारत की समुद्री सुरक्षा और व्यापार को मजबूती दे सकता है।

इस पूरे मामले में सरकार का संदेश साफ है—विकास जरूरी है, लेकिन जनजातीय पहचान और अधिकारों की कीमत पर नहीं। ऐसे में यह बहस अब दावों और आरोपों से आगे बढ़कर तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए, ताकि सही तस्वीर सामने आ सके।

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