मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने ग्रामीण बस सेवा संचालकों द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राष्ट्रीय कार्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा का उद्देश्य गांव-देहात के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है, लेकिन कुछ बस संचालक इस योजना के नियमों की अनदेखी कर अपने निजी हितों के लिए बसों का संचालन कर रहे हैं।
चौधरी संजीव तोमर ने बताया कि दो दर्जन से अधिक निजी बस संचालक उनके कार्यालय पहुंचे और प्रशासनिक व पुलिस स्तर पर परेशान किए जाने की शिकायत की। इस दौरान बस संचालकों ने अपनी समस्याओं से भी अवगत कराया।
प्रेसवार्ता में चौधरी तोमर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के तहत संचालित होने वाली कुछ बसें गांवों में चलाने के बजाय मुजफ्फरनगर-पुरकाजी मार्ग पर चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल के इमरजेंसी गेट के पास बसों को खड़ा कर सवारियां भरी जाती हैं, जिससे वहां अक्सर जाम की स्थिति पैदा होती है। इतना ही नहीं, यात्रियों को हरिद्वार और रुड़की तक जाने का भरोसा देकर बस में बैठाया जाता है, लेकिन उन्हें बीच रास्ते में पुरकाजी उतार दिया जाता है। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जिला अस्पताल के इमरजेंसी गेट के पास बसें खड़ी न करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, इसके बावजूद आदेशों की अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के कुछ संचालक शासन और प्रशासन के निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं।
चौधरी संजीव तोमर ने यह भी कहा कि ग्रामीण बस सेवा संचालकों द्वारा निजी बसों को “डग्गामार वाहन” बताकर पुलिस और एआरटीओ की मिलीभगत से चलाए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि यह दावा पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि निजी बस संचालकों के पास वैध परमिट हैं, वे निर्धारित सीट क्षमता के अनुसार टैक्स जमा करते हैं और अपने वाहनों के दस्तावेज भी नियमों के अनुसार रखते हैं।
उन्होंने बताया कि पाल धर्मशाला के निकट निजी बसों का संचालन किया जा रहा है, जहां बस संचालकों ने स्वयं सफाई व्यवस्था कर यात्रियों की सुविधा के लिए संचालन शुरू किया है। ऐसे में उन्हें डग्गामार वाहन कहना उचित नहीं है।
प्रेसवार्ता में यह भी बताया गया कि कुछ शिकायतों के बाद निजी बसों का संचालन बंद करा दिया गया था, जिससे बस व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया था। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के जिलाध्यक्ष निखिल चौधरी ने इस मामले को लेकर एसपी ट्रैफिक एवं वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इसके बाद निजी बस संचालकों को राहत मिली और उन्हें जाम मुक्त व्यवस्था के तहत बसों के संचालन की अनुमति दी गई।
किसान यूनियन तोमर ने प्रशासन से मांग की है कि परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाए और मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के नाम पर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जाए, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके और किसी भी वर्ग के रोजगार पर संकट न आए।
प्रेसवार्ता में राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि पवन त्यागी, जिलाध्यक्ष निखिल चौधरी, अजय, अरुण, अजीम, राशिद, साजिद, शाकिब, जग्गम, बृजेश, मुकेश गुर्जर सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट

