Friday, October 2, 2026

गन्ना नियंत्रण आदेश-2026 वापस: किसानों की बड़ी जीत, भाकियू ने मिठाई बांटकर जताई खुशी!



**मुजफ्फरनगर।** केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित **गन्ना (नियंत्रण) आदेश-2026** को वापस लेने के फैसले के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित गन्ना उत्पादक क्षेत्रों के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। किसानों और विभिन्न किसान संगठनों के लंबे विरोध के बाद केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने जारी कार्यालय ज्ञापन में **ड्राफ्ट शुगरकेन कंट्रोल ऑर्डर-2026** को वापस लेने की घोषणा की है। इस फैसले को किसानों की बड़ी जीत बताते हुए भारतीय किसान यूनियन (सेवक) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई।

भाकियू (सेवक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता **विनीत त्यागी** ने कहा कि प्रस्तावित आदेश में ऐसा प्रावधान किया गया था जिसके तहत किसी भी चीनी मिल के 15 किलोमीटर के दायरे में नए कोल्हू अथवा खांडसारी उद्योग की स्थापना की अनुमति नहीं दी जानी थी। उनका कहना है कि यदि यह नियम लागू हो जाता तो हजारों गन्ना किसानों के सामने अपने उत्पाद की बिक्री को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो जाता।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोल्हू और खांडसारी इकाइयां किसानों से गन्ना खरीदकर उन्हें तत्काल भुगतान और कई मामलों में चीनी मिलों की तुलना में अधिक मूल्य भी देती हैं। कई स्थानों पर किसान कोल्हू संचालकों को गन्ना बेचकर प्रति क्विंटल 15 से 20 रुपये तक अधिक लाभ प्राप्त कर लेते हैं। ऐसे में नए प्रस्तावित नियम से किसानों के विकल्प सीमित हो जाते और उन्हें लंबी दूरी तय कर चीनी मिलों तक गन्ना पहुंचाना पड़ता, जिससे परिवहन लागत बढ़ने के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता।

विनीत त्यागी ने कहा कि इस प्रस्ताव के खिलाफ किसानों, कोल्हू संचालकों और खांडसारी उद्योग से जुड़े लोगों ने लगातार आवाज उठाई थी। विभिन्न किसान संगठनों ने सरकार के समक्ष अपनी आपत्तियां और सुझाव रखे थे। किसानों की भावनाओं और व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने अंततः ड्राफ्ट आदेश को वापस लेने का निर्णय लिया है, जिससे लाखों गन्ना उत्पादकों को राहत मिली है।

उन्होंने सभी किसानों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि किसान की पहचान उसकी खेती से होती है, उसकी कोई जाति या धर्म नहीं होता। किसानों के हितों की रक्षा के लिए सभी को एक मंच पर आना होगा। साथ ही उन्होंने सरकार से किसानों को उनकी संख्या और योगदान के अनुरूप राजनीतिक भागीदारी देने की भी मांग की।

भाकियू (सेवक) कार्यकर्ताओं ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे किसान हित में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय बताया। संगठन के पदाधिकारियों ने मिठाई वितरित कर खुशी जताई और कहा कि सरकार द्वारा किसानों की भावनाओं का सम्मान किया जाना सकारात्मक संकेत है।

राष्ट्रीय प्रवक्ता विनीत त्यागी ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री **नरेंद्र मोदी**, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल के नेता **जयंत चौधरी**, तथा मुख्यमंत्री **योगी आदित्यनाथ** का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसानों की चिंताओं को गंभीरता से सुनते हुए लिया गया यह फैसला कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी साबित होगा।



*”यदि गन्ना नियंत्रण आदेश-2026 लागू हो जाता तो किसानों के सामने गन्ना बिक्री का बड़ा संकट खड़ा हो जाता। सरकार द्वारा इसे वापस लेना किसानों, कोल्हू संचालकों और खांडसारी उद्योग से जुड़े लोगों के हित में लिया गया सराहनीय निर्णय है। यह किसानों की एकजुटता और संघर्ष की जीत है।

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