खबर पश्चिमी यूपी के जनपद मुजफ्फरनगर से है।
जनपद में गणतंत्र दिवस के मौके पर पुलिस लाइन में आयोजित परेड के दौरान राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के महासचिव कृष्णपाल राठी और पुलिस अधिकारियों के बीच हुई नोंकझोंक का मामला अब राजनीतिक रूप से गंभीर होता जा रहा है। इस घटना के विरोध में रालोद ने बैठक कर पुलिस अधिकारियों के रवैये पर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, रालोद महासचिव कृष्णपाल राठी पुलिस विभाग द्वारा भेजे गए आधिकारिक आमंत्रण पर 26 जनवरी को पुलिस लाइन पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल पर बैठने की व्यवस्था को लेकर अव्यवस्था सामने आई। राठी का कहना है कि उन्हें बैठने के लिए कोई उचित स्थान नहीं दिया गया, जबकि घुटनों में दर्द होने के कारण वह मजबूरी में सोफे पर बैठ गए।
इसी दौरान सीओ खतौली रामाशीष यादव मौके पर पहुंचे और सोफे पर बैठने को लेकर राठी से बहस हो गई। राठी ने इस व्यवहार को सार्वजनिक अपमान बताया और कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे गरिमामय अवसर पर इस तरह का व्यवहार न केवल अनुचित है, बल्कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान के खिलाफ भी है।
इस मामले को लेकर मुजफ्फरनगर के कुकड़ा स्थित रालोद महासचिव कृष्णपाल राठी के आवास पर राष्ट्रीय लोक दल की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने घटना पर नाराजगी जताई और निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
कृष्णपाल राठी ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले को लेकर अब तक उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने उनसे कोई संवाद नहीं किया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुलिस का रवैया नहीं बदला तो इस मुद्दे को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने उठाया जाएगा और आगे की रणनीति तय की जाएगी।
बैठक में रालोद के दर्जनों पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर किसी भी जनप्रतिनिधि का अपमान लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है और इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट

