Thursday, October 1, 2026

खुले नाले ने ली युवक की जान।

बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र में सैटलाइट बस अड्डे के पास एक दर्दनाक हादसे में 30 वर्षीय युवक की जान चली गई। खुले नाले में गिरने के बाद करीब 30 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसका शव बरामद किया जा सका। इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और नगर निगम की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मंगलवार रात करीब 9:30 बजे हरदोई निवासी तौहीद नाले के किनारे खड़ा था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह गहरे नाले में गिर गया। नाले में तेज बहाव होने के कारण वह कुछ ही पलों में बहकर आंखों से ओझल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन गहराई और तेज धारा के चलते वे असफल रहे।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। हालांकि नाले में भरे कचरे और तेज बहाव ने बचाव कार्य को बेहद मुश्किल बना दिया। टीमों को जेसीबी मशीनों की मदद लेनी पड़ी, नाले की सफाई कराई गई और कई जगहों पर स्लैब तोड़कर पानी का बहाव कम किया गया।

लगातार प्रयासों के बाद बुधवार देर रात करीब 3 बजे युवक का शव बरामद कर लिया गया। नगर आयुक्त संजीव मौर्या ने पुष्टि करते हुए बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना स्थल पर पहले से बैरिकेडिंग की गई थी।

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इलाके में खुले नाले लंबे समय से खतरा बने हुए हैं, लेकिन नगर निगम ने इन्हें ढकने या सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनका आरोप है कि अगर समय रहते उचित इंतजाम किए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था।

यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए बड़ा सदमा है, बल्कि शहर की बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस हादसे से सबक लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।

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