Friday, October 2, 2026

कूकड़ा चौकी में हंगामा: बेटे को छुड़ाने के लिए पुलिस से भिड़ी मां, नाबालिग की पिटाई के आरोप!



मुज़फ़्फ़रनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र स्थित कूकड़ा चौकी बुधवार को उस समय हंगामे का केंद्र बन गई, जब एक युवक को पुलिस द्वारा ले जाए जाने पर उसकी मां चौकी परिसर में ही फूट-फूटकर रोने लगी और बेटे को बचाने के लिए पुलिसकर्मियों से भिड़ गई। चौकी के अंदर का यह हाईवोल्टेज ड्रामा कैमरों में कैद हो गया, जिसके बाद पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

पूरा मामला कूकड़ा चौराहे पर लगने वाले एक चाऊमीन ठेले से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार ऋतिक नाम का युवक सूरज जैन की दुकान के बाहर ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करता है। बताया जा रहा है कि ऋतिक पर सूरज जैन के करीब 6 हजार रुपये और पवन नामक युवक के करीब 7 हजार रुपये उधार थे।

आरोप है कि बुधवार को पवन अपने एक साथी के साथ मौके पर पहुंचा और पैसे मांगने को लेकर ऋतिक से कहासुनी शुरू हो गई। ऋतिक ने कुछ दिन की मोहलत मांगी, लेकिन आरोपियों ने कथित तौर पर उसका ठेला खींचकर ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर ऋतिक के साथ मारपीट की गई। शोर-शराबा सुनकर मौके पर पहुंचीं सूरज जैन की पत्नी के साथ भी धक्का-मुक्की और अभद्रता किए जाने के आरोप लगे हैं।

घटना के बाद ऋतिक ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस बुला ली। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को पकड़कर कूकड़ा चौकी ले आई। लेकिन पीड़ित परिवारों का आरोप है कि कार्रवाई आरोपियों पर करने के बजाय पुलिस उन्हीं पर दबाव बनाने लगी।

सबसे गंभीर आरोप सूरज जैन के 13 वर्षीय नाबालिग बेटे के साथ मारपीट को लेकर लगाए गए हैं। परिवार का कहना है कि बच्चा केवल अपने माता-पिता के साथ चौकी गया था, लेकिन चौकी के अंदर सेकंड चौकी इंचार्ज आकाश ओझा समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे फट्टे से पीटा। आरोप है कि पिटाई में बच्चे की कोहनी तक चोटिल हो गई। परिवार ने पुलिस पर मासूम के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया है।

इसी दौरान जब पुलिस ऋतिक को गाड़ी में बैठाकर ले जाने लगी तो उसकी मां बेटे को बचाने के लिए पुलिसवालों से भिड़ गई। चौकी परिसर में मां की चीख-पुकार और रोते-बिलखते परिवार का वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कैमरे ऑन होते ही पुलिस के तेवर बदल गए और माहौल अचानक नरम पड़ता दिखाई दिया।

पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उन्हें करीब चार घंटे तक चौकी में बैठाकर रखा गया, जबकि मारपीट के आरोपी पुलिस से सेटिंग कर आराम से बचते रहे। मामला बढ़ता देख पुलिस ने आरोपी पक्ष पर भी कार्रवाई की, लेकिन दोनों आरोपियों का केवल शांतिभंग की धारा 151 में चालान कर दिया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीब युवक की रोजी-रोटी छीनने की कोशिश, मारपीट और महिलाओं के साथ अभद्रता जैसे गंभीर आरोपों के बावजूद केवल 151 की कार्रवाई कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। घटना के बाद इलाके में चौकी पुलिस की कार्यशैली को लेकर भारी नाराजगी है और वायरल वीडियो पूरे शहर में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

हालांकि कूकड़ा चौकी पुलिस का कहना है कि कूकड़ा चौराहे पर हंगामे की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस सभी लोगों को चौकी लेकर आई थी। पुलिस के मुताबिक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों के खिलाफ 151 की कार्रवाई की गई। वहीं नाबालिग के साथ मारपीट के आरोपों को पुलिस ने पूरी तरह निराधार बताया है।

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