Friday, October 2, 2026

कांवड़ मार्ग पर जलभराव का स्थायी संकट: आखिर कब मिलेगी मुजफ्फरनगर को इस समस्या से मुक्ति?


मुजफ्फरनगर की रुड़की रोड… कांवड़ यात्रा का मुख्य मार्ग… जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी… और हल्की बारिश के बाद सड़क पर जलभराव की गंभीर तस्वीरें। सवाल सिर्फ पानी भरने का नहीं है, सवाल यह है कि आखिर वर्षों से चली आ रही इस समस्या का समाधान क्यों नहीं हो पा रहा? क्या जल निकासी व्यवस्था फेल है? क्या अतिक्रमण जिम्मेदार है? या फिर सफाई व्यवस्था के दावे जमीनी हकीकत पर खरे नहीं उतर रहे? देखिए हमारी यह विशेष पड़ताल।


हल्की बारिश में ही सड़क बनी तालाब, बड़े दावों पर उठ रहे बड़े सवाल।

मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों में शामिल रुड़की रोड एक बार फिर जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर चर्चा में है। जिला मुख्यालय से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस महत्वपूर्ण मार्ग पर हल्की बारिश के बाद ही सड़क पर पानी भर गया, जिससे आम जनता, वाहन चालकों, छात्रों, मरीजों और स्थानीय व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर हर साल यही तस्वीर क्यों दिखाई देती है? जब कांवड़ यात्रा से पहले करोड़ों रुपये खर्च कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, तो फिर इस मुख्य मार्ग पर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान अब तक क्यों नहीं हो पाया?

रुड़की रोड केवल एक सामान्य सड़क नहीं है। यह कांवड़ यात्रा का महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। इसी मार्ग पर अनेक स्कूल, अस्पताल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और घनी आबादी वाले क्षेत्र मौजूद हैं। इसके बावजूद बारिश के बाद सड़क पर जमा होने वाला पानी कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन या एक मौसम की समस्या नहीं है। बरसात शुरू होते ही सड़क पर पानी भरना आम बात बन गई है। कई बार पानी लंबे समय तक जमा रहता है, जिससे राहगीरों को परेशानी के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।

अब सवाल उठता है कि आखिर इसकी असली वजह क्या है?

क्या नालों और नालियों की सफाई पर्याप्त नहीं हो रही?

क्या जल निकासी व्यवस्था क्षमता से कम है?

क्या कहीं अतिक्रमण के कारण पानी का बहाव बाधित हो रहा है?

क्या सड़क निर्माण और ड्रेनेज व्यवस्था के बीच समन्वय की कमी है?

या फिर संबंधित विभागों द्वारा किए जाने वाले दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते?

इन सवालों के जवाब तलाशना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह मामला केवल जलभराव तक सीमित नहीं है। सड़क पर जमा गंदा पानी मच्छरों और संक्रामक बीमारियों को भी बढ़ावा दे सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लंबे समय तक जलभराव को जनस्वास्थ्य के लिए खतरा मानते हैं।

प्रदेश सरकार लगातार बेहतर सड़कें, मजबूत आधारभूत ढांचा और जनसुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात करती रही है। ऐसे में मुजफ्फरनगर की रुड़की Road की यह स्थिति स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगाती नजर आती है। हालांकि वास्तविक स्थिति और कारणों की पुष्टि संबंधित विभागीय जांच के बाद ही संभव है।

जनता का कहना है कि हर वर्ष समस्या सामने आती है, चर्चा होती है, निरीक्षण होते हैं, आश्वासन मिलते हैं, लेकिन कुछ समय बाद हालात फिर वही दिखाई देने लगते हैं। ऐसे में लोगों की अपेक्षा है कि संबंधित विभाग, नगर पालिका और प्रशासन संयुक्त रूप से समस्या के मूल कारणों की पहचान करें और केवल अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।

कांवड़ यात्रा निकट आने के साथ यह मुद्दा और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। अब देखने वाली बात होगी कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर क्या कदम उठाते हैं और जनता को कब राहत मिलती है।


जनपद मुजफ्फरनगर से सचनामा न्यूज़ के लिए संवाददाता तनवीर मलिक की रिपोर्ट।

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