Friday, October 2, 2026

ऑटिज़म पर बड़ा जागरूकता अभियान, बच्चों के भविष्य की चिंता।



मुजफ्फरनगर। जिले में ऑटिज़म से प्रभावित बच्चों के बेहतर भविष्य और उनके समुचित विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई। जिला चिकित्सालय, मुजफ्फरनगर में C.A.N. प्रोटोकॉल के माध्यम से ऑटिज़म से प्रभावित बच्चों के लिए निःशुल्क जागरूकता एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ऐसे बच्चों और उनके परिवारों को सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराना तथा समाज में ऑटिज़म के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने अभिभावकों को ऑटिज़म के शुरुआती संकेतों, बच्चों के व्यवहार में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही C.A.N. प्रोटोकॉल के तहत बच्चों के विकास, संवाद क्षमता में सुधार और उन्हें सामान्य जीवन की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आवश्यक सुझाव दिए गए।

विशेषज्ञों ने बताया कि ऑटिज़म कोई साधारण समस्या नहीं है। समय रहते पहचान और सही परामर्श मिलने पर प्रभावित बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। कई बार जानकारी के अभाव में परिवार बच्चों की स्थिति को समझ नहीं पाते, जिससे उपचार और सहयोग में देरी हो जाती है। ऐसे में जागरूकता शिविर बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिविर में पहुंचे अभिभावकों ने विशेषज्ञों से व्यक्तिगत परामर्श भी लिया और बच्चों के विकास से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। चिकित्सकों ने परिवारों को धैर्य, नियमित देखभाल और विशेषज्ञ सलाह का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस अवसर पर मुजफ्फरनगर को “ऑटिज़म जागरूक एवं सहयोगी शहर” बनाने के संकल्प को भी आगे बढ़ाया गया। आयोजकों ने कहा कि समाज के हर वर्ग को इस विषय को गंभीरता से समझना होगा, ताकि ऑटिज़म से प्रभावित बच्चे किसी भी प्रकार के भेदभाव का सामना न करें और उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सामाजिक अवसर समान रूप से मिल सकें।

कार्यक्रम के अंत में नागरिकों से अपील की गई कि वे ऑटिज़म के प्रति जागरूकता फैलाने में सहयोग करें और अधिक से अधिक परिवारों तक इस अभियान की जानकारी पहुंचाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि सामूहिक प्रयासों से ही प्रभावित बच्चों को बेहतर अवसर, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य प्रदान किया जा सकता है।

Latest news
Related news