मुजफ्फरनगर में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर और महत्वपूर्ण पहल के तहत पुलिस ने बड़ा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मिशन शक्ति फेज-5 (द्वितीय चरण) और नवरात्रि सप्ताह के अवसर पर 26 मार्च 2026 को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), मुजफ्फरनगर परिसर में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ के निर्देशन में आयोजित हुआ, जिसमें मुजफ्फरनगर पुलिस की मिशन शक्ति टीम ने विशेष जागरूकता स्टॉल लगाकर महिलाओं और बालिकाओं को उनकी सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को न सिर्फ उनके अधिकारों के बारे में बताया गया, बल्कि उन्हें यह भी समझाया गया कि आज के समय में कौन-कौन से खतरे उनके सामने हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है। पुलिस टीम ने हेल्पलाइन नंबरों—1090 (वीमेन पावर लाइन), 112 (आपातकालीन सेवा) और 181—की जानकारी देते हुए इनके सही और समय पर उपयोग के महत्व को गंभीरता से समझाया।
इसके साथ ही साइबर अपराध, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, घरेलू हिंसा, बाल विवाह और महिला उत्पीड़न जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। महिलाओं को यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी या उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहें, बल्कि तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
पुलिस अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। अगर समाज मिलकर काम करे तो महिलाओं के खिलाफ अपराधों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
इस जागरूकता कार्यक्रम का असर साफ तौर पर देखा गया, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं और बालिकाओं ने इसमें भाग लेकर जानकारी प्राप्त की और पुलिस के इस प्रयास की सराहना की।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे कार्यक्रम आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि महिलाओं को एक सुरक्षित और सशक्त वातावरण मिल सके और वे बिना डर के अपना जीवन जी सकें।

