उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में शुक्रवार को भाजपा नेता संगीत सोम ने एक कार्यक्रम के दौरान कई विवादित बयान दिए, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है। वे परशुराम जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जहां मीडिया से बातचीत में उन्होंने संभल में चल रही बुलडोजर कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया।
संगीत सोम ने कहा कि देश में जितनी भी अवैध मस्जिदें हैं, उन्हें गिरा देना चाहिए। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के अंदर “औरंगजेब की आत्मा” प्रवेश कर चुकी है और वे बाबर और औरंगजेब की नीतियों पर चल रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अब देश में “बाबर का राज” दोबारा नहीं आने वाला है।
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सोम ने कहा कि जो भी व्यक्ति देश में अवैध रूप से रह रहा है या देश का गद्दार है, उसे बांग्लादेश भेजा जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश के मुसलमानों को कहीं नहीं भेजा जाएगा।
अपने संबोधन में उन्होंने भगवान परशुराम को सभी का आराध्य बताते हुए कहा कि किसी भी महापुरुष या भगवान को लेकर विवाद पैदा करना गलत है। उन्होंने कहा कि परशुराम जयंती पूरे देश में एक साथ मनाई जा रही है और यह एकता का प्रतीक है।
संगीत सोम के इन बयानों ने एक बार फिर सियासी माहौल को गर्म कर दिया है, जहां विपक्ष उनकी भाषा और विचारों पर सवाल उठा सकता है, वहीं समर्थक इसे सख्त रुख के रूप में देख रहे हैं।

