Thursday, October 1, 2026


अंबेडकर प्रतिमा तोड़ने पर बवाल, दलितों पर हमले का आरोप।




उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में ठाकुरद्वारा के नारायणपुर चंगा गाँव में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित किए जाने और दलित समाज पर कथित हमले को लेकर सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।

सांसद का आरोप है कि भाजपा से जुड़े दबंगों ने दलितों पर लाठी-डंडों से हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। उन्होंने दावा किया कि एक मासूम बच्ची की आँख पर गंभीर चोट आई है और कई पीड़ित अस्पताल में भर्ती हैं। उनके अनुसार, घटना के वीडियो भी सामने आए हैं, जो हमले की भयावहता को दर्शाते हैं।

रुचि वीरा, सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा गठित 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पीड़ितों से मिलने जा रही थीं, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। सांसद का कहना है कि उन्हें “हाउस अरेस्ट” किया गया और पुलिस बल का इस्तेमाल कर पीड़ितों तक पहुंचने से रोका गया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है।

उन्होंने बताया कि आधी रात को ठाकुरद्वारा पहुंचने के बावजूद उन्हें न तो पीड़ितों से मिलने दिया गया और न ही मीडिया से बात करने की अनुमति दी गई। सांसद ने इसे भाजपा सरकार की दमनकारी नीति का उदाहरण बताते हुए कहा कि प्रशासन विपक्ष की आवाज दबाने में लगा है।

मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनका कहना है कि भाजपा के पूर्व प्रत्याशी सहित अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है, लेकिन पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही।

सांसद ने प्रशासन से मांग की है कि अंबेडकर प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने और दलितों पर हमला करने वाले सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, साथ ही घायलों को बेहतर इलाज और न्याय सुनिश्चित किया जाए।

सपा जिलाध्यक्ष जयवीर यादव ने भी प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब जनप्रतिनिधियों को जनता से मिलने और उनकी बात उठाने से रोका जाता है, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।

पूरे मामले को लेकर इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

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