Friday, October 2, 2026

FAO सम्मान पर किसान नेताओं में बहस तेज!

मुजफ्फरनगर। इटली में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन यानी Food and Agriculture Organization (FAO) द्वारा प्रधानमंत्री Narendra Modi को दिए गए “एग्रीकोला मेडल” को लेकर देशभर में चर्चाएं तेज हो गई हैं। किसान संगठनों के नेताओं ने इस सम्मान को भारत की कृषि व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और किसानों की मेहनत से जोड़ते हुए अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। कहीं इसे देश का गौरव बताया जा रहा है तो कहीं इसे किसानों को समर्पित करने की मांग उठ रही है।

किसान कल्याण संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष Ashok Baliyan ने कहा कि FAO दुनिया के चुनिंदा राष्ट्राध्यक्षों और विशेष व्यक्तित्वों को ही यह प्रतिष्ठित सम्मान देता है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सम्मान किसानों के हित में चलाई गई योजनाओं, भारत की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने और मोटे अनाज यानी “श्रीअन्न” को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयासों के कारण मिला है।

अशोक बालियान ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने मोटे अनाज को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री मोदी की पहल के बाद दुनिया भर में श्रीअन्न को लेकर जागरूकता बढ़ी है और भारतीय कृषि मॉडल की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने लगी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान सिर्फ प्रधानमंत्री का नहीं बल्कि पूरे देश और भारतीय कृषि व्यवस्था का सम्मान है। इससे विश्व मंच पर भारत की प्रतिष्ठा और मजबूत हुई है।

वहीं भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता Rakesh Tikait ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इटली की एक कृषि संस्था द्वारा सम्मानित किया गया है, जो अच्छी बात है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिलते रहे हैं, लेकिन अब सरकार इनके प्रचार-प्रसार पर ज्यादा ध्यान दे रही है।

राकेश टिकैत ने कहा कि यदि यह सम्मान कृषि क्षेत्र में मिला है तो इसे देश के किसानों को समर्पित किया जाना चाहिए, क्योंकि खेतों में संघर्ष और मेहनत किसान ही करता है। उन्होंने कहा कि भारत को यदि कृषि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है तो उसका सबसे बड़ा श्रेय देश के मेहनतकश किसानों को जाता है। किसानों की मेहनत, उत्पादन क्षमता और खेती से जुड़े संघर्षों की वजह से ही भारत दुनिया में मजबूत कृषि राष्ट्र के रूप में उभरा है।

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में किसानों की भूमिका सबसे अहम है और सरकार को सम्मान के साथ-साथ किसानों की समस्याओं पर भी गंभीरता से काम करना चाहिए। MSP, फसलों के दाम, खेती की लागत और किसानों की आय जैसे मुद्दे आज भी बड़े सवाल बने हुए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी को मिला यह सम्मान अब राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ किसान संगठनों के बीच भी चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। एक ओर समर्थक इसे भारत की वैश्विक उपलब्धि बता रहे हैं, तो दूसरी ओर किसान नेता इसे किसानों की मेहनत का सम्मान मानने की बात कर रहे हैं। ऐसे में FAO का यह “एग्रीकोला मेडल” अब केवल एक सम्मान नहीं बल्कि देश की कृषि राजनीति और किसान हितों की बहस का केंद्र बनता जा रहा है।

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