Friday, October 2, 2026

CMO ने घायल मासूम का जाना हाल, अस्पताल में आवारा कुत्तों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश।




मुजफ्फरनगर:

जिला अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई तीन वर्षीय मासूम मीरद (मिरब) के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह हरकत में आ गया है। सोमवार सुबह मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील तेवतिया जिला अस्पताल पहुंचे और बच्ची का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की पूरी जानकारी ली और बच्ची को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव चिकित्सा सहायता का भरोसा दिलाया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए CMO ने अस्पताल परिसर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर अधिकारियों के साथ चर्चा की और साफ निर्देश दिए कि अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर से आवारा कुत्तों को हटाने के लिए नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (EO) को पत्र भेज दिया गया है, ताकि जल्द से जल्द अभियान चलाकर कुत्तों को पकड़ा जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

CMO डॉ. सुनील तेवतिया ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले हर मरीज की सुरक्षा स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जा रही है। उन्होंने अभिभावकों और तीमारदारों से भी अपील की कि अस्पताल परिसर में छोटे बच्चों पर विशेष नजर रखें, क्योंकि आवारा कुत्तों के हमलों का सबसे आसान निशाना अक्सर मासूम बच्चे बनते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी अस्पताल परिसर से आवारा कुत्तों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी, लेकिन कुछ पशु प्रेमियों (डॉग लवर्स) द्वारा अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने के कारण अभियान प्रभावित हो गया था। इसके बावजूद अब स्वास्थ्य विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए दोबारा गंभीर प्रयास कर रहा है।

गौरतलब है कि रविवार शाम सहारनपुर निवासी तीन वर्षीय मासूम मीरद, जो जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती थी, अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों के झुंड का शिकार हो गई। कुत्तों ने बच्ची पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसके शरीर पर कई गहरे जख्म आए, जिसके बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

अब इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता और नगर पालिका की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर आवारा कुत्तों का खुलेआम घूमना गंभीर लापरवाही है। वहीं परिजन उम्मीद कर रहे हैं कि मासूम बच्ची जल्द स्वस्थ होगी और अस्पताल परिसर को आवारा कुत्तों से मुक्त कराया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज या बच्चे को ऐसी दर्दनाक घटना का सामना न करना पड़े।

Latest news
Related news