लखनऊ। उत्तर प्रदेश प्रशासन से एक और बड़ा इस्तीफा सामने आया है। डिप्टी कमिश्नर जीएसटी प्रशांत सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेजा है, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर गहरी पीड़ा और असहमति व्यक्त की है।
सूत्रों के अनुसार, प्रशांत सिंह ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ की गई टिप्पणियों से वह मानसिक रूप से आहत हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की टिप्पणियां न केवल व्यक्तिगत रूप से पीड़ादायक हैं, बल्कि प्रशासनिक और सामाजिक वातावरण को भी प्रभावित करती हैं।
बताया जा रहा है कि इसी मानसिक तनाव और वैचारिक असहमति के चलते प्रशांत सिंह ने प्रशासनिक सेवा से हटने का फैसला लिया। उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब प्रदेश में हाल के दिनों में कई संवेदनशील मुद्दों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज़ है।
प्रशांत सिंह के इस्तीफे को प्रशासनिक गलियारों में गंभीर संकेत के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक अधिकारी के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश में बढ़ती वैचारिक टकराव और संवेदनशील मुद्दों की ओर भी इशारा करता है।
फिलहाल सरकार या प्रशासन की ओर से इस इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

