मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने अपनी 35 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। संगठन ने 16 जून को जनपद मुजफ्फरनगर में ‘रेल रोको’ आंदोलन करने की घोषणा की है। इस दौरान जिले के चार प्रमुख रेलवे स्टेशनों—मुजफ्फरनगर, रोहाना, मंसूरपुर और खतौली—पर किसान रेलवे ट्रैक पर बैठकर पंचायत करेंगे और ट्रेनों का संचालन रोककर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाएंगे।
रामपुर तिराहा स्थित संगठन के राष्ट्रीय कार्यालय में आयोजित रणनीतिक बैठक के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों का उद्देश्य आम जनता को परेशान करना नहीं है। आंदोलन के दौरान यात्रियों का सम्मान किया जाएगा और उन्हें शरबत पिलाकर स्वागत भी किया जाएगा।
चौधरी संजीव तोमर ने बताया कि संगठन की 35 मांगों में किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दे शामिल हैं। इनमें गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 500 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने, किसानों का बकाया गन्ना भुगतान जल्द कराने, यूरिया की किल्लत दूर करने, 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन देने तथा सरकारी परिवहन में मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख है।
इसके अलावा किसानों को अपनी फसल का मूल्य स्वयं तय करने और नकद बिक्री का कानूनी अधिकार देने की मांग भी रखी गई है। संगठन ने किसानों के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में निशुल्क शिक्षा देने की भी मांग उठाई है।
पर्यावरण से जुड़े मुद्दे पर भी संगठन ने चिंता जताई है। चौधरी संजीव तोमर ने कहा कि भोपा रोड स्थित पेपर फैक्ट्रियों से बढ़ते प्रदूषण के कारण जिले में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से इन फैक्ट्रियों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
संगठन ने रोहाना रेलवे स्टेशन पर कोरोना काल से बंद पैसेंजर ट्रेनों के ठहराव को दोबारा शुरू करने की भी मांग उठाई है, ताकि स्थानीय यात्रियों को सुविधा मिल सके।
आंदोलन को सफल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। संगठन के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर मुजफ्फरनगर स्टेशन पर आंदोलन का नेतृत्व करेंगे, जबकि अन्य पदाधिकारी रोहाना, मंसूरपुर और खतौली रेलवे स्टेशनों पर मोर्चा संभालेंगे।
उधर, आंदोलन की घोषणा के बाद रेलवे प्रशासन और जिला पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। अब पूरे जिले की नजर 16 जून को होने वाले इस प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन पर टिकी हुई है।

