आजमगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को बेहद गंभीर मामला बताते हुए साफ कहा कि किसी भी बेटी का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
शनिवार को आजमगढ़ में 955 करोड़ रुपये से अधिक की 39 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों के खिलाफ अपमानजनक भाषा और टिप्पणी समाज में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, “हम ऐसे संस्कारों में पले-बढ़े हैं जहां गांव की बेटी-बहन को पूरे समाज की बेटी-बहन माना जाता है। हर बेटी का सम्मान होना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को भी घेरते हुए कहा कि अखिलेश यादव अक्सर दूसरों को सीख देते हैं, लेकिन उन्हें अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भी भाषा की मर्यादा का पाठ पढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार सपा से जुड़े लोग बहन-बेटियों, बुजुर्गों, दिवंगत व्यक्तियों और वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां करते हैं। ऐसे लोगों को संस्कारित करने की जरूरत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर वे अपने लोगों को नहीं समझा सकते तो हमारे हवाले कर दें, हम समझा देंगे।”
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर बेटी, गरीब और व्यापारी की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि कोई व्यक्ति किसी बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने, गरीब की जमीन हड़पने या व्यापारियों के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश करेगा, तो सरकार उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने आजमगढ़ के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले यह जिला पहचान के लिए संघर्ष कर रहा था, लेकिन आज यहां एयरपोर्ट, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बेहतर सड़क नेटवर्क और शिक्षा संस्थानों जैसी सुविधाएं तेजी से विकास की नई तस्वीर पेश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अब सीधे जनता तक पहुंच रहा है और प्रदेश में सुरक्षा तथा विकास दोनों को समान प्राथमिकता दी जा रही है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में महाराजा सुहेलदेव की भव्य अश्वारोही प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को देश के महान नायकों से प्रेरणा लेने की जरूरत है और प्रदेश सरकार ऐसे महापुरुषों के सम्मान और विरासत को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री के इस बयान को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने एक ओर बेटियों के सम्मान के मुद्दे पर सख्त रुख दिखाया, वहीं दूसरी ओर विपक्ष पर भाषा की मर्यादा और राजनीतिक संस्कारों को लेकर सीधा हमला भी बोला। उनके स्पष्ट संदेश से यह संकेत गया कि महिलाओं और बेटियों के सम्मान से जुड़े मामलों में सरकार किसी भी तरह की लापरवाही या नरमी बरतने के मूड में नहीं है।

