Wednesday, October 7, 2026

बाल श्रम को लाल कार्ड: बच्चों का बचपन बचाने के लिए उठी मजबूत आवाज।





जनपद में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर जागरूकता अभियान, बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा का लिया गया संकल्प

12 जून 2026 को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जनपद में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की अंतरराष्ट्रीय थीम “बाल श्रम को लाल कार्ड: बच्चों के लिए निष्पक्ष खेल, वयस्कों के लिए सम्मानजनक काम” के तहत समाज को बाल श्रम के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दिया गया।

जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री कण्डारकर कमल किशोर देशभूषण के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में बाल श्रम जैसी गंभीर सामाजिक बुराई को समाप्त करने तथा प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और खुशहाल बचपन दिलाने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की दुनिया स्कूल, खेल के मैदान, किताबों और सपनों से सजे उज्ज्वल भविष्य की होनी चाहिए, न कि मजदूरी, शोषण और कठिन परिस्थितियों की। बाल श्रम न केवल बच्चों का बचपन छीनता है, बल्कि देश और प्रदेश के विकास की राह में भी बड़ी बाधा बनता है।

जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को बताया गया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना कानूनन अपराध है। ऐसे बच्चों को काम पर रखने के बजाय उन्हें विद्यालय भेजना प्रत्येक नागरिक की नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि आज भी दुनिया भर में करोड़ों बच्चे बाल श्रम के चक्र में फंसे हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे बच्चों की है जो खतरनाक और जोखिमपूर्ण कार्यों में लगे हुए हैं। यह स्थिति न केवल उनके स्वास्थ्य और शिक्षा को प्रभावित करती है, बल्कि उनके भविष्य को भी अंधकारमय बना देती है।

अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी 14 वर्ष से कम आयु का कोई बच्चा काम करता हुआ दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत पेंसिल (PENCIL) पोर्टल पर दर्ज कराएं, ताकि संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई कर सके और बच्चे को शिक्षा तथा संरक्षण उपलब्ध कराया जा सके।

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि समाज से बाल श्रम को समाप्त करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा तथा प्रत्येक बच्चे को उसके अधिकार दिलाने में सक्रिय सहयोग दिया जाएगा।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि जब प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलेगा, तभी एक सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत का निर्माण संभव होगा। बाल श्रम के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। सभी नागरिकों को आगे आकर बच्चों के भविष्य की रक्षा के लिए अपनी भूमिका निभानी होगी।

“बाल श्रम को लाल कार्ड दिखाइए, बच्चों को शिक्षा और सम्मानजनक भविष्य दिलाइए” के संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।उपशीर्षक (सबहेड):
14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना अपराध, विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर प्रशासन ने चलाया जागरूकता अभियान और लोगों से की शिकायत दर्ज कराने की अपील।

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