मुजफ्फरनगर। चरथावल थाना क्षेत्र के ग्राम दधेडू स्थित सैद नगला मार्ग पर संचालित सूर्य ईंट भट्टे पर गुरुवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे में एक मजदूर की ईंटों के ढेर के नीचे दबकर मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों, ग्रामीणों और किसान संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। परिजनों ने उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता की मांग को लेकर शव उठाने से इनकार कर दिया, जिससे भट्टे पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
जानकारी के अनुसार ग्राम मथुरा निवासी 42 वर्षीय बबलू पुत्र मांगेराम कश्यप सूर्य ईंट भट्टे पर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। गुरुवार सुबह वह रोजाना की तरह काम में जुटा हुआ था। इसी दौरान अचानक ईंटों का एक बड़ा ढेर भरभराकर उसके ऊपर गिर पड़ा। हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। साथी मजदूरों ने तुरंत ईंटें हटाकर बबलू को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन जब तक उसे निकाला गया, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। मजदूर की मौके पर ही मौत होने से पूरे भट्टे पर शोक और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसे की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बबलू की मौत से उसके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। परिजनों का कहना है कि परिवार का मुख्य सहारा छिन जाने से उनके सामने भविष्य की बड़ी चिंता खड़ी हो गई है।
घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाजसेवी और किसान संगठन के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। भारतीय किसान यूनियन के एनसीआर अध्यक्ष विकास शर्मा, भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष काला प्रधान चौकड़ा समेत कई किसान नेता और कश्यप समाज के प्रतिनिधि भट्टे पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
परिजनों और किसान नेताओं ने मृतक के आश्रितों को पर्याप्त आर्थिक सहायता, उचित मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को रोजगार दिए जाने की मांग की। मांगों के समर्थन में उन्होंने शव उठाने से इनकार कर दिया और भट्टे पर ही धरना शुरू कर दिया। इसके चलते कई घंटों तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
सूचना मिलने पर चरथावल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस प्रशासन ने परिजनों तथा किसान नेताओं से वार्ता शुरू की। देर शाम तक मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर बातचीत जारी रही, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी थी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और प्रशासनिक अधिकारी भी स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के प्रयास में जुटे हैं। वहीं मजदूर की दर्दनाक मौत के बाद क्षेत्र में शोक के साथ-साथ भट्टों पर मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

