मुजफ्फरनगर।उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2026 में सेंध लगाने की कोशिश का एक गंभीर मामला मुजफ्फरनगर में सामने आया है। पुलिस भर्ती जैसी महत्वपूर्ण और संवेदनशील परीक्षा में एक युवक फर्जी दस्तावेजों के सहारे दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंच गया। सतर्कता और कड़ी जांच के चलते उसका भेद खुल गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
मामला थाना सिविल लाइन क्षेत्र स्थित डी.ए.वी. इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र का है। परीक्षा के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन और बायोमेट्रिक जांच में एक अभ्यर्थी के कागजात संदिग्ध पाए गए। केंद्र प्रभारी, संस्था प्रतिनिधि और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जब गहन जांच की गई तो पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी गजेन्द्र शर्मा पुत्र त्रिलोक चंद शर्मा निवासी ग्राम जटपुरा, थाना सलेमपुर, जनपद बुलंदशहर ने भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए दस्तावेजों में हेराफेरी की थी। आरोप है कि उसने हाईस्कूल का प्रमाणपत्र दोबारा बनवाया, आधार कार्ड में बदलाव कराया और जन्मतिथि में भी परिवर्तन कर आवेदन किया था।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर सिद्धार्थ के. मिश्रा ने बताया कि 26 वर्षीय गजेन्द्र शर्मा ने 19 वर्षीय युगांक शर्मा के दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा में नामांकन कराया था। परीक्षा केंद्र पर फिंगरप्रिंट और बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान दोनों के रिकॉर्ड में अंतर पाया गया। संदेह होने पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।
मामले में डी.ए.वी. इंटर कॉलेज के केंद्र व्यवस्थापक अरुण कुमार की तहरीर पर थाना सिविल लाइन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी और सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई को भर्ती प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है।

