Friday, October 2, 2026

खतौली की शराब दुकानों पर आबकारी विभाग का बड़ा छापा, स्टॉक से लेकर बिक्री तक हुई सख्त जांच।



खतौली की शराब दुकानों पर आबकारी विभाग का बड़ा छापा, स्टॉक से लेकर बिक्री तक हुई सख्त जांच

मुजफ्फरनगर। जिले में शराब की दुकानों पर अनियमितताओं, ओवररेटिंग और अवैध बिक्री की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आबकारी विभाग ने खतौली क्षेत्र में बड़े स्तर पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान कई शराब दुकानों की गहन जांच की गई, जिसमें स्टॉक, बिक्री व्यवस्था, क्यूआर कोड, बारकोड, पीओएस मशीन और सीसीटीवी सिस्टम तक की बारीकी से पड़ताल की गई।

अपर मुख्य सचिव एवं आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देशों तथा जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर के निर्देशन में जिला आबकारी अधिकारी ने आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 सदर एवं क्षेत्र-2 खतौली के साथ अधीनस्थ स्टाफ को लेकर क्षेत्र की विभिन्न शराब दुकानों पर अचानक छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान देशी शराब दुकान खतौली (बुढ़ाना मोड़), खतौली नंबर-1 (घंटाघर), कम्पोजिट शॉप खतौली (बुढ़ाना मोड़), कम्पोजिट शॉप खतौली (निकट हौली चौक) तथा मॉडल शॉप खतौली गंगनहर का गहन निरीक्षण किया गया।

कार्रवाई के दौरान दुकानों में मौजूद मदिरा के पूरे स्टॉक की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने पाया कि सभी पेटियों पर नियमानुसार बारकोड अंकित थे। वहीं विभिन्न ब्रांडों की बोतलों, अद्धों, पौव्वों और कैनों पर लगे क्यूआर कोड को विभागीय एप के माध्यम से रैंडम तरीके से स्कैन कर सत्यापित किया गया। जांच में समस्त मदिरा वैध और प्रमाणित पाई गई। किसी भी दुकान पर खुली बोतल, कैन या संदिग्ध मदिरा नहीं मिली।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शराब खरीदने आए उपभोक्ताओं से भी बातचीत की और शराब की गुणवत्ता तथा ओवररेटिंग के संबंध में जानकारी जुटाई। उपभोक्ताओं ने बताया कि संबंधित दुकानों से उन्हें किसी प्रकार की शिकायत नहीं है और निर्धारित दरों पर ही बिक्री की जा रही है।

जिला आबकारी अधिकारी ने दुकानों पर पीओएस मशीन से की जा रही बिक्री का स्टॉक रजिस्टर से मिलान कराया। इसके अलावा दुकानों के लाइसेंस, अभिलेख, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, रेट लिस्ट का प्रदर्शन, निर्धारित प्रारूप के साइन बोर्ड, टोल-फ्री नंबर की उपलब्धता तथा पीओएस मशीन के माध्यम से शत-प्रतिशत बिक्री की व्यवस्था की भी विस्तृत जांच की गई।

निरीक्षण के बाद जिला आबकारी अधिकारी ने दुकानों पर कार्यरत विक्रेताओं को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शराब की प्राप्ति और बिक्री पूरी तरह पीओएस मशीन के माध्यम से ही की जाए। किसी भी परिस्थिति में ओवररेटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही सभी लाइसेंसी दुकानों पर प्रत्येक स्वीकृत ब्रांड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

आबकारी विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि शराब बिक्री में अनियमितता, ओवररेटिंग या अन्य किसी शिकायत की स्थिति में जन शिकायत एप के माध्यम से तत्काल शिकायत दर्ज कराएं, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके।

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