शुक्रताल। प्रसिद्ध तीर्थ नगरी शुक्रताल में गंगा घाट की मौजूदा स्थिति को लेकर प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाया है। गंगा घाट पर फैली अव्यवस्था, कम जलस्तर और अधूरे निर्माण कार्यों के कारण श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति का निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारियों ने मौके पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गंगा में पानी का स्तर काफी कम होने के कारण श्रद्धालुओं को स्नान के लिए सुरक्षित और पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा है। वहीं घाट पर चल रहे निर्माण कार्यों और तकनीकी खामियों की वजह से भी लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। कई स्थानों पर अधूरे कार्य और असुविधाजनक हालात श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि गंगा घाट से जुड़ी सभी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने, सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने और घाट पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने भी घाट की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई। उनका कहना है कि शुक्रताल देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में लोगों को स्नान और पूजा-अर्चना में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी संबंधित विभागों के समन्वय से कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा गंगा घाट को जल्द व्यवस्थित और सुगम बनाया जाएगा।
गौरतलब है कि गंगा घाट पर पानी का घटता स्तर और निर्माण कार्यों में आ रही बाधाएं लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई हैं। ऐसे में अधिकारियों का यह निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई के निर्देश क्षेत्र के लोगों और श्रद्धालुओं के लिए राहत की उम्मीद लेकर आए हैं।

