Friday, October 2, 2026

शौर्य शिविर से हिंदू समाज को संगठित करने का आह्वान।



खतौली। अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा आयोजित शौर्य प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ सोमवार को खतौली स्थित जवाहर लाल नेहरू स्मृति इंटर कॉलेज में हुआ। शिविर के उद्घाटन अवसर पर संगठन के अखिल भारतीय अधिकारी देवेश जी ने उपस्थित प्रशिक्षार्थियों को संगठन, समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्वों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।

उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति समाज की एकता, सामर्थ्य और सुरक्षा में निहित होती है। कार्यकर्ताओं का पहला दायित्व समाज के प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान करना तथा सभी वर्गों को साथ लेकर चलना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समस्त हिंदू समाज को संगठित कर सामाजिक समरसता को मजबूत करना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

देवेश जी ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक कार्यकर्ता को समाज के बीच रहकर उसकी समस्याओं को समझना चाहिए तथा बिना किसी भेदभाव के समाज के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य केवल वैचारिक जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के वंचित, शोषित और कमजोर वर्गों को सुरक्षा, सम्मान और सामर्थ्य प्रदान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना भी है।

अपने संबोधन में उन्होंने गांव, शहर, कस्बों और मोहल्लों में हनुमान चालीसा केंद्रों के संचालन पर भी विशेष बल दिया। उनका कहना था कि ऐसे केंद्र सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और समाज को एक सूत्र में बांधने का माध्यम बन सकते हैं। इसके माध्यम से युवाओं में अनुशासन, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास होगा।

शौर्य प्रशिक्षण शिविर में संगठन के कार्यकर्ताओं एवं प्रशिक्षार्थियों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें संगठन की कार्यप्रणाली, सामाजिक उत्तरदायित्व, समाज की सुरक्षा, सामाजिक समरसता, सेवा कार्यों के विस्तार तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसके सम्मान और अधिकारों की रक्षा जैसे विषय प्रमुख रहे।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि समाज की एकता और जागरूकता ही किसी भी चुनौती का प्रभावी समाधान है। शिविर का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना, सेवा और संगठन के भाव को मजबूत करना तथा समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का बोध कराना है।

शिविर में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और प्रशिक्षार्थियों ने भाग लिया तथा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समापन समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने और संगठनात्मक गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने के संकल्प के साथ हुआ।

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