Friday, October 2, 2026

योगी का सख्त निरीक्षण, विश्वविद्यालय निर्माण पर बड़ी नजर।



कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मंगलवार को जनपद Kushinagar में निर्माणाधीन महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने की तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय निर्माण से जुड़े सभी कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ तेजी से पूरे किए जाएं ताकि क्षेत्र के युवाओं को जल्द से जल्द आधुनिक कृषि एवं तकनीकी शिक्षा की सुविधा मिल सके।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय पूर्वांचल क्षेत्र, विशेषकर कुशीनगर और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है। कृषि और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बेहतर शिक्षा एवं शोध सुविधाएं उपलब्ध होने से युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे तथा कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। परियोजना की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी बनाए रखी जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।

स्थलीय निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों से भी संवाद किया। उन्होंने विश्वविद्यालय परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके शुरू होने से न केवल छात्रों को लाभ मिलेगा, बल्कि कृषि अनुसंधान, नवाचार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि यह संस्थान भविष्य में प्रदेश के प्रमुख शैक्षणिक और शोध केंद्रों में शामिल होगा।

मुख्यमंत्री के दौरे को प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास परियोजनाओं में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा होता है या नहीं।

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